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काले धन को सफेद करने का निकाला ऐसा तरीका, बेबस दिखे बैंक

Tue, 22 Nov 2016 09:57 AM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
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काले धन को सफेद बनाने का तोड़ निकाल लिया है। 500-1000 के बड़े नोट बदलने के पहले ही दिन वीरवार को काला धन रखने वालों ने अलग-अलग बैंकों में जाकर कई लाख के नोट बदलवा लिए। योजना खत्म होने तक ऐसे लोग करोड़ों रुपए काले से सफेद कर लेंगे। सभी बैंक बेबस दिखे। उनके पास कोई तरीका नहीं जिससे वह इस प्रक्रिया को रोक सकें। 
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की गाइडलाइन के मुताबिक एक दिन में आईडी एड्रेस प्रूफ दिखाकर सिर्फ 4,000 रुपये तक के नोट बदलवाए जा सकते हैं। लेकिन नोट बदलते समय जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, वह मैनुअल है। इसकी वजह से एक दिन में एक

ही आईडी प्रूफ पर कई बैंकों से नोट बदलने वालों की न तो शिनाख्त हो सकती है और न ही उन्हें ऐसा करने से रोका जा सकता है। बैंक अधिकारी अब अपने हेड ऑफिसों के जरिये आरबीआई को काला धन सफेद होने के इस रास्ते को बंद करने के लिए रिपोर्ट भेज रहे हैं।
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मियाद पूरी होने तक सफेद हो जाएगा करोड़ों का काला धन

एक बैंक अफसर ने बताया कि गाइडलाइन में स्पष्टता न होने की वजह से छोटी मात्रा में काला धन रखने वालों ने फायदा उठाना शुरू कर दिया है। ये लोग अपने नौकरों और रिश्तेदारों के जरिये नोट बदल रहे हैं।

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छह तरह के आईडी प्रूफ मान्य हैं। कोई आदमी किसी बैं की किसी शाखा में जाकर पुराने नोट के बदले नए नोट ले लेता सकता है। हम कुछ नहीं कर सकते। वे कहते हैं- रुपये जमा करने या नोट बदलने में बैंक किसी को इनकार नहीं कर सकते। हां, नियमानुसार डाक्यूमेंट लेना जरूरी है। यही वजह है कि बैंक सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेज रहे हैं। 

बैंक अधिकारियों का कहना है कि काला धन रखने वाला कोई भी व्यक्ति बहुत ज्यादा नोट नहीं बदल पाएगा। अमर उजाला की पड़ताल के अनुसार गाइडलाइन में चूक के चलते कोई भी व्यक्ति एक दिन में अकेले ही बीस से तीस हजार रुपये के पुराने नोट बदलकर काले धन को सफेद कर सकता है। मियाद के करीब चालीस दिन में वह लाखों और अगर अपने साथियों को मिला ले तो करोड़ों रुपये सफेद कर सकता है।

यहां पढ़िए क्या है पूरी व्यवस्था

कोई भी व्यक्ति तय आईडी व एड्रेस प्रूफ दिखाकर चार हजार रुपये तक के पुराने 500-1000 के नोट देकर नए नोट बैंक से ले सकता है। इस दौरान प्रूफ की डिटेल एक तय प्रोफार्मा में भरनी होगी।

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लेकिन आरबीआई की गाइडलाइन में यह साफ नहीं है कि एक व्यक्ति एक दिन में कितनी बार और कितने प्रूफ दिखाकर कितने पुराने नोट बदल सकता है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांचों में भी जाने पर बाध्यता को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं। 

अलग-अलग आईडी से नोट बदलना अवैध

बैंक की शाखाओं में अलग-अलग आईडी दिखाकर नोट बदलना अवैध होगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक प्रभात कुमार मिश्रा ने बताया कि सरकार ने आधार और पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों का डाटा केंद्रीयकृत तरीके से लिंक कर रखा है। यदि कोई

व्यक्ति अपने फायदे के लिए उल्लंघन करता है तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा। ऐसा करने पर कड़ी पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। मिश्रा ने बताया कि भुगतान के लिए लोग चेक, नेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट्स, क्रेडिट और डेबिट कार्ड जैसे माध्यमों का प्रयोग कर सकते हैं।

खाते में बेधड़क जमा करवाएं दो लाख

ऐसी गृहिणियों और अन्य लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है जिन्होंने थोड़ा थोड़ा करके पैसा बचाया और बैंक की जगह उसे घर में ही रखा है। मोदी के फैसले के बाद इन लोगों के हाथ पांव फूल गए थे, जिनके पास दो लाख और इससे ज्यादा की रकम है। 

लेकिन आयकर विभाग ने साफ किया है कि बचत के तौर पर कुछ नकद राशि अगर घर में रखी है तो उसे बेखौफ हो कर जमा करवाएं। कई तरह के उठ रहे सवालों का केंद्र सरकार के वित्त सचिव ने जवाब देकर फैली भ्रांतियों को दूर किया है। 

यहां जानिए पैसों के लेनदेन से जुड़े कुछ अहम सवाल

बैंकों में पुरानी मुद्रा के रूप में जमा राशि पर आयकर विभाग की ओर से लिए गए फैसलों से संबंधित सवालों पर वित्त सचिव डा. हंसमुख अधिया ने दिए जवाब

पहला सवाल - बहुत सारे छोटे व्यापारियों, गृहिणियों, कारीगरों, कामगारों के पास बचत के रूप में कुछ नकद राशि घरों में रखी हो सकती है, क्या उसे बैंक में जमा कराने जाने पर आयकर विभाग पैसों को लेकर पूछताछ करेगा?

जवाब - सवाल में दिए गए वर्ग के लोग जो डेढ़ या दो लाख रुपये जमा कराने के लिए जाते हैं उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि ये आयकर की न्यूनतम सीमा के भीतर है। इस तरह की छोटी जमा राशि के लिए आयकर विभाग किसी को भी परेशान नहीं करेगा।

सवाल दो -  क्या इस दौरान जमा की गई नकद रकम की रिपोर्ट आयकर विभाग लेगा। अगर हां तो क्या 10 लाख नकदी जमा की सीमा को पार करने पर सूचित करने का वर्तमान नियम आगे भी जारी रहेगी ?

जवाब-  हम 10 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच जमा कराई जाने वाली ढाई लाख से ऊपर की हर नकदी रकम का और ऐसे खाते का हिसाब लेंगे। विभाग इस रकम और इसे जमा कराने वाले व्यक्ति द्वारा फाइल की गई आयकर रिटर्न का मिलान कर जांच करेगा। उसके बाद उस पर उचित कार्रवाई की जा सकती है।

इन मामलों को माना जाएगा कर चोरी, लगेगा जुर्माना

सवाल तीन -  मान लीजिए की विभाग को ये पता चलता है कि किसी खाते में 10 लाख से ज्यादा की रकम जमा की गई है और वह रकम जमाकर्ता की घोषित आय से मेल नहीं खा रही है। ऐसे में जमाकर्ता पर कितना कर और जुर्माना लगाया जाएगा।

जवाब -  इस तरह के मामलों को कर चोरी माना जाएगा। इन मामलों में आयकर अधिनियम की धारा 270 ए के हिसाब से कर की राशि वसूली जाएगी और साथ ही जुर्माना भी वसूल किया जाएगा।

सवाल -  ऐसा माना जा रहा है कि बहुत सारे लोग अब आभूषण खरीद रहे हैं, इससे निपटने के लिए विभाग किस तरह से तैयारी कर रहा है?

जवाब - जो भी व्यक्ति आभूषण खरीदता है उसे पैन नंबर देना होता है। हम क्षेत्रिय प्राधिकारियों को निर्देश जारी कर रहे हैं कि ये सुनिश्चित करें कि सभी आभूषण विक्रेता इस नियम का पालन करने में किसी तरह का समझौता न हो पाए। उन आभूषण विक्रेताओं के खिलाफ  कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो आभूषण बिक्री के समय पैन नंबर नहीं लेते हैं।

जब आभूषण बिक्री के बाद विक्रेता द्वारा नकद राशि जमा कराई जाएगी तब इसकी जांच की जाएगी कि वह बेचे गए आभूषण की रकम से मेल खाते हैं या नहीं। विक्रेता ने ग्राहक का पैन नंबर लिया है या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।
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लवी मेला मैदान में पुराने नोट बदलने को लगे काउंटर

ऐतिहासिक लवी मेले में भी अबकी बार पुराने नोट बदलने के लिए खास व्यवस्‍था की गई है। रामपुर क्षेत्र के लोगों को मेले में खरीदारी करते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बैंक ने कार्यालय में 6 अतिरिक्त काउंटर खोले हैं।

जहां पर 500 और 1000 रुपये के नोटों को जमा करने और बदला जा रहा है। एसबीआई रामपुर के मुख्य प्रबंधक हरि नंदन प्रकाश नेगी ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे बैंक के बाहर एक ओर काउंटर खोला जाएगा।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में लोगों की सुविधा के लिए 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए मेला मैदान में कैश काउंटर खोला जाएगा। इसके अलावा लोग 1, 2, 5 और 10 रुपये के सिक्के भी ले सकते हैं।

1000 और 500 के नोट बदलने के लिए खाताधारकों को पहचान पत्र देना जरूरी है। जबकि सिक्के लेने के लिए किसी प्रकार का पहचान पत्र की जरूरत नहीं पडे़गी। वीरवार को एसबीआई में बीएसएनएल सेवाएं सुबह से ठप रहने से लोगों को 1000 और 500 के नोट जमा करने में दिक्कतें पेश आईं। भीड़ ज्यादा होने पर बैंक ने पुलिस कर्मचारियों को भी तैनात किया है।

उधर, एसबीआई रामपुर के मुख्य प्रबंधक हरिनंदन प्रकाश नेगी ने बताया कि बैक ने लोगों की सुविधा के लिए 6 अतिक्ति काउंटर खोले हैं। लेकिन, बीएसएनएल सेवाएं ठप रहने से लोगों को परेशानी हुई।
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