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शिमला: घूस लेने के आरोपी एसएचओ को हाईकोर्ट से 31 तक अंतरिम जमानत

Fri, 24 Dec 2021 10:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/हमीरपुर

सार

हाईकोर्ट ने हमीरपुर जिले में नादौन थाना के एसएचओ नीरज राणा को 31 दिसंबर तक अंतरिम अग्रिम जमानत दी है। नीरज ने अधिवक्ता के जरिये जमानत की अर्जी दी थी। इसमें दलील दी गई है कि उस पर लगे आरोप गलत हैं। 
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हमीरपुर जिले में नादौन थाना के एसएचओ नीरज राणा को 31 दिसंबर तक अंतरिम अग्रिम जमानत दी है। एसएचओ पर रिश्वत लेने, विजिलेंस टीम को जान से मारने की कोशिश करने और गाड़ी में चरस रखने का आरोप है। प्रदेश उच्च न्यायालय में नीरज ने अधिवक्ता के जरिये जमानत की अर्जी दी थी। इसमें दलील दी गई है कि उस पर लगे आरोप गलत हैं। प्रार्थी की ओर से दायर तीन जमानत याचिकाओं पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायाधीश सीबी बारोवालिया ने अंतरिम अग्रिम जमानत दी। प्रार्थी के खिलाफ आरोप है कि वह मवेशियों को पठानकोट ले जाने वाली गाड़ी के परमिट देने के एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत लेने पहुंचा था।

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रिश्वत लेने के बाद विजिलेंस टीम को राणा ने अपनी गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया और फरार हो गया। बाद में बरामद नीरज की गाड़ी से चिट्टा भी मिला है। आरोपी नीरज राणा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली का रहने वाला है। साल 2010 में वह बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती हुआ था। उसका प्रोबेशन ट्रेनिंग पीरियड भी हमीरपुर और नादौन थाने में ही कटा है। बाद में वह विजिलेंस विभाग शिमला में तैनात रहा। यहां से कांगड़ा जिले के जवाली में बतौर थाना प्रभारी बनाया गया। साल 2020 में नीरज राणा को नादौन थाने का प्रभारी तैनात किया गया था।

आरोपी एचएचओ को ढूंढती रही पुलिस पर हाथ न आया  
उधर, रिश्वत के पैसे लेकर फरार थाना प्रभारी नादौन नीरज राणा को पुलिस ढूंढती रह गई और आरोपी ने वकील के जरिये उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत ले ली। 21 दिसंबर को आरोपी नीरज राणा रिश्वत के 25 हजार लेकर मौके से फरार हो गया था। उसे गिरफ्तार करते समय विजिलेंस के साथ कहासुनी भी हुई और एसएचओ ने विजिलेंस टीम को गाड़ी से कुचलने का प्रयास भी किया। इसके बाद सेरी कल्चर मार्ग पर एसएचओ की गाड़ी से 0.84 ग्राम चिट्टा भी बरामद किया गया। तभी से विजिलेंस ने नीरज राणा को गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
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आरोपी का मोबाइल बंद होने और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद वह पकड़ से बाहर रहा। अब हाईकोर्ट ने नीरज राणा को 31 दिसंबर तक अंतरिम जमानत देकर विजिलेंस विभाग से इस केस का रिकॉर्ड तलब किया है। फिलहाल आरोपी एसएचओ को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, लेकिन उसे विजिलेंस और पुलिस जांच में पूरा सहयोग करना होगा। वह प्रदेश छोड़ का बाहर भी नहीं जा सकता।इधर, एसपी विजिलेंस राहुल नाथ ने कहा कि हमें जमानत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। विजिलेंस कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती के साथ रखेगी। वहीं, एसपी हेडक्वार्टर हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा ने कहा कि हमारे पास लिखित में न्यायालय से कोई जानकारी नहीं मिली है। 
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