मानो न मानो गौरा, भोला ने हां कर दी भजनों पर महिलाओं ने पार्वती को लगाई हल्दी और मेहंदी
राधा-कृष्ण मंदिर से आज सुबह दस बजे निकलेगी भोलेनाथ की बरात
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में शनिवार को दो दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व की शुरुआत हो गई। शहर के राम मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की पहले दिन हल्दी और मेहंदी लगाने की रस्म निभाई गई। इसके बाद मंदिर में चूड़ा पहनाने और शगुन पहुंचाने की रस्म हुई।
मंदिर में सुबह 12:00 बजे मां पार्वती की हल्दी और मेहंदी की रस्म, मानो न मानो गौरा, भोला ने हां कर दी भजनों के बीच हुई। इस दौरान मंदिर भजनों, ढोलक, तालियों और चिमटे की धुनों से गूंजता रहा। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे मंदिर में शगुन और चूड़े की रस्म हुई। इस दौरान भी महिलाओं ने नाच गाकर अपनी आस्था दिखाई। इसके बाद शाम पांच से 6:00 बजे तक मंदिर में भस्म आरती की गई जिसमें भगवान शिव की अराधना की। शाम 6:30 बजे गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में भगवान शिव को निमंत्रण भेजा गया। इस दौरान मंदिर भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। रविवार को सुबह दस बजे राधा-कृष्ण मंदिर से भोलेनाथ की बरात गाजे-बाजे के साथ निकलेगी और राम मंदिर में सीहड़ी पूजा, मिलनी, फेरे तथा लग्न होंगे। इस दौरान शाम को राम मंदिर से माता-पार्वती की विदाई होगी और शाम को राधा-कृष्ण मंदिर में दिव्य गृह प्रवेश होगा। यह विवाह उत्सव कार्यक्रम हर-हर महादेव सेवक समिति की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
चार पहर की पूजा का मुहूर्त
गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि महाशिवरात्रि की तिथि शाम 5:04 बजे से आरंभ होगी और इसका समापन 16 फरवरी सोमवार सुबह 5:34 बजे होगा। शिवरात्रि की पूजा निशीथ काल में की जाती है, इसलिए 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इनमें निशीथ काल की पूजा का मुहूर्त रात 12:09 से 1:01 बजे तक रहेगा। प्रथम पहर के पूजन का मुहूर्त 15 फरवरी शाम 6:11 से रात 9:22 बजे तक, दूसरे पहर की पूजा रात 9:23 से 12:34 बजे तक, तृतीय पहर की पूजा रात 12:35 से रात 3:46 बजे तक और चतुर्थ पहर की सुबह तड़के 3:46 से 6:59 बजे तक होगी। पूजा में बेलपत्र, चावल, पुष्प, दूध, दही, घी, शहद और जल से अभिषेक किया जाता है। व्रत का पारण 16 फरवरी को सुबह 6:33 बजे से दोपहर 3:10 बजे तक किया जा सकता है। संवाद