गेयटी के टेवरन हॉल में दस्तकारों के मेले में खूब बिक रहा कहवा, 11 मसालों से होता है तैयार
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सिर दर्द, जुकाम और बुखार में सेवन होता है सहायक संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। कश्मीर के कहवे की खुशबू से राजधानी शिमला की फिजाएं महक उठी हैं। बरसात के कारण शिमला शहर का मौसम आजकल थोड़ा ठंडा हो चला है, ऐसे में कश्मीर से आया कहवा इसमें गर्माहट भी ला रहा है। लोग इसकी खूब खरीदारी कर रहे हैं।
शिमला के गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में चल रहे दस्तकारों के मेले (प्रदर्शनी) में बिक रहा कश्मीर का कहवा लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। यह एक प्रकार की चाय होती है जो 11 मसालों से बनाकर पीतल की केतली में बनाई जाती है। प्रदर्शनी में कहवा का एक बॉक्स 350 से 450 रुपये में बिक रहा है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से हरी चाय की पत्तियों, केसर, छोटी इलायची, कहजबान, मगज, दालचीनी, लौंग और बादाम का इस्तेमाल होता है। यह एक सुगंधित और स्वादिष्ट पेय है जो स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
विक्रेता आरिफ खान ने बताया कि कहवा की चाय बिना दूध के बनती है। सिर दर्द, जुकाम और बुखार की स्थिति में कहवा सहायक होता है। उन्होंने बताया कि कश्मीर में कहवा वेलकम टी के नाम से भी जाना जाता है। घरों में मेहमान आने पर कहवे की चाय देकर उनका स्वागत किया जाता है। इसकी देश सहित विदेश से भी भारी मांग है। खास तौर पर दुबई के बड़े होटलों से इसकी मांग आती है। इसके अलावा प्रदर्शनी में केसर, कुशन कवर, स्टॉल, साड़ी और ज्वेलरी भी खूब बिक रही हैै। यह प्रदर्शनी 10 जुलाई तक चलेगी।