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हिमाचल प्रदेश: मौसम ने ली करवट, शिमला में झड़ने लगा पोलन; चर्म रोग और वायरल के मरीज बढ़े

Wed, 07 Oct 2026 10:35 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला में मौसम में बदलाव के साथ पोलन का असर बढ़ने लगा है। इसके चलते चर्म रोग और एलर्जी के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। डीडीयू अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में मंगलवार को वायरल से पीड़ित करीब 30 मरीजों की जांच हुई, जबकि चर्म रोग ओपीडी में 15 मरीजों ने रैशेज की शिकायत की। सुबह-शाम बढ़ती ठंड के कारण खांसी, जुकाम और बुखार के मामले भी बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों ने लोगों को पोलन से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजधानी शिमला में मौसम के बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम में बदलाव के बीच एक बार फिर पोलन झड़ना शुरू हो गया है, जिसके कारण चर्म रोग और एलर्जी से जुड़े मामले बढ़ रहे हैं। मंगलवार को दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल (डीडीयू) की मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ देखने को मिली। वायरल की शिकायत लेकर पहुंचे करीब 30 मरीजों की जांच की गई। चिकित्सकों ने बीमारी का कारण पता लगाने के लिए मरीजों के आवश्यक टेस्ट भी करवाए।

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रैशेज और एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीज
पोलन का असर सबसे ज्यादा एलर्जी के रूप में सामने आ रहा है। डीडीयू की चर्म रोग विशेषज्ञ ओपीडी में मंगलवार को करीब 15 मरीज रैशेज की शिकायत लेकर पहुंचे। मरीजों ने शरीर के बाजू और मुंह समेत अलग-अलग हिस्सों में एलर्जी होने की समस्या बताई। चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव और वातावरण में मौजूद पोलन कुछ लोगों में एलर्जी की समस्या को बढ़ा सकता है। ऐसे में शरीर को ढककर रखने और पोलन के सीधे संपर्क से बचने की सलाह दी जा रही है।

खांसी-जुकाम के बाद बुखार की भी शिकायत
सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट तथा मौसम में लगातार बदलाव के कारण खांसी, जुकाम और बुखार के मामले भी बढ़ रहे हैं। डीडीयू के अलावा इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की ओपीडी में भी वायरल और एलर्जी से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर जिन लोगों को पहले से एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें पोलन के संपर्क से बचने का प्रयास करना चाहिए।

पोलन से बचने के लिए क्या करें?
  • घर की खिड़कियां बंद रखें, ताकि परागकण अंदर न आ सकें।
  • तेज हवा या सुबह के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
  • बाहर से घर लौटने के बाद नहाएं और कपड़े बदलें।
  • बाहर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करें।
  • घर की साफ-सफाई के लिए वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें।
  • एलर्जी के लक्षण ज्यादा गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
  • बाहर निकलते समय शरीर को यथासंभव ढककर रखें।
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चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
डीडीयू शिमला के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. योगराज के अनुसार, इन दिनों पोलन झड़ने के कारण चर्म रोग से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और पूरे शरीर को ढककर रखने का आग्रह किया है। वहीं डीडीयू शिमला की मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सोनिया के अनुसार सुबह-शाम मौसम में बदलाव और पोलन झड़ने के कारण वायरल के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम में सावधानी बरतना खासतौर पर जरूरी है। यदि लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, त्वचा पर ज्यादा रैशेज या एलर्जी के गंभीर लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
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