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Shimla Traffic Jam: ढाई लाख आबादी, हर माह पहुंच रहे 7 लाख सैलानी; रोज आ रहे 40 हजार वाहन, हांफ रही हिल्स क्वीन

Wed, 17 Jun 2026 10:11 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राजधानी शिमला में बढ़ते वाहनों और पर्यटकों की संख्या के कारण ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन गया है। ढाई लाख आबादी वाले शहर में रोजाना 35 से 40 हजार वाहन पहुंच रहे हैं, जबकि पर्यटन सीजन में हर महीने सात लाख तक सैलानी आ रहे हैं। पार्किंग की कमी और सीमित सड़क नेटवर्क के चलते लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर...

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ढली-संजौली सड़क लगा जाम इस कारण दिनभर लोग परेशान होते रहे। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजधानी शिमला में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण शहरवासियों को हर रोज ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है। ढाई लाख आबादी वाले शिमला शहर में रोजाना 35 से 40 हजार वाहन बाहर से आ रहे हैं। पर्यटन सीजन में यह संख्या और बढ़ जाती है। इससे हर रोज जाम लग रहा है जिससे अब हिल्स क्वीन की रफ्तार हांफने लगी है।

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पर्यटन सीजन में शिमला में हर महीने सात लाख तक पर्यटक पहुंच रहे हैं। शहर में रोजाना पर्यटकों समेत दूसरे जिलों से एक से डेढ़ लाख लोग पहुंच रहे हैं। सड़कों पर वाहनों के बढ़ते बोझ, लाखों की संख्या में पहुंच रहे लोगों से हिल्स क्वीन शिमला हांफने लगी है। 10 मिनट के सफर में लोगों को ट्रैफिक जाम के कारण एक घंटे तक का समय लग रहा है। सर्कुलर रोड पर मंगलवार को भी दिनभर लोगों को जाम से परेशान होना पड़ा। पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून के पंद्रह दिन में ही शहर में पांच लाख वाहनों ने प्रवेश किया है। 




पार्किंग की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से सड़कों के किनारे वाहन खड़े हो रहे हैं जिससे स्थिति और खराब हो रही है।  इसके अलावा दूसरे जिलों से उपचार, नौकरी, स्कूल आदि के लिए भी रोजाना हजारों लोग शहर में पहुंचते हैं। इथोपिया की बुले होरा विश्वविद्यालय में भूगोल एवं पर्यावरण अध्ययन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर अजितेश सिंह चंदेल के हाल ही में किए शोध के मुताबिक वाहनों के अधिक दबाव के कारण शहर की 70 फीसदी आबादी को हर रोज 45 मिनट तक ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है। इनका जियोस्टेटिकल एनालिसिस ऑफ ट्रैफिक कंजेशन एंड अडेप्टिव स्मार्ट अर्बन मोबिलिटी सॉल्यूशन इन शिमला, अ हिमालयन माउंटेन सिटी नाम से शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल डिस्कवर सस्टेनेबिलिटी में प्रकाशित हुआ है।

शोध पत्र के मुताबिक पर्यटन नगरी में बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। जाम के कारण 64 फीसदी पर्यटक ट्रैफिक जाम के कारण असंतुष्ट हैं। इससे उनकी खर्च करने की क्षमता में भी 18 प्रतिशत की कमी आई है। इसका असर शहर के कारोबार पड़ रहा है और उन्हें 15 फीसदी तक राजस्व का घाटा उठाना पड़ रहा है। 

6000 के लिए पार्किंग, वाहन 40 हजार
राजधानी में शहरवासियों और देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए पर्याप्त पार्किंग की सुविधा नहीं है। शहर में महज 6000 वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग उपलब्ध है। हर साल 30 लाख से अधिक पर्यटक शिमला घूमने के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा शहर में 40,000 से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। पार्किंग की कमी को देखते हुए नगर निगम ने जगह-जगह येलो लाइन पार्किंग चिह्नित की है लेकिन मुख्य मार्गों पर बनी हैं। इस वजह से पार्किंग भी यातायात को प्रभावित कर रही हैं। शहर की सड़कों पर यू टर्न के लिए चालकों को खासी मशक्कत करने को मजबूर हैं।

ओवरहेड ब्रिज नहीं होने से हो रही दिक्कत
शहर के व्यस्त स्थानों पर लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त ओवरहेड ब्रिज का निर्माण नहीं किया है। इसके अलावा जिन जगहों पर ऐसे ओवरहेड ब्रिज बनाए गए हैं, उनका इस तरह से निर्माण किया है कि लोग उनका इस्तेमाल बहुत सीमित करते हैं। ऐसे में हजारों लोगों की सुरक्षा दांव पर लगी रहती है और यातायात में भी बाधा पैदा होती है। ओवरहेड ब्रिज बनाने की योजना बनाई गई थी लेकिन बाद में उसे टाल दिया गया। पुलिस विभाग के मुताबिक शहर में पुराना बस अड्डा, लिफ्ट, छोटा शिमला, तारा हॉल, कैथू बाइफिरकेशन समेत कई अन्य क्षेत्रों में ओवर हेड ब्रिज बनाए जाना जरूरी है। इससे राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तो वहीं यातायात में भी बाधा पैदा नहीं होगी।

शहर में बढ़े वाहन, तैयार किया है प्लान
राजधानी में वाहनों की संख्या बढ़ी है। सड़कों पर गाड़ियों के बढ़ते दबाव और यातायात जाम को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने प्लान तैयार किया है। सड़के चौड़ी करने, सही बस स्टॉपेज सुनिश्चित करने, संकरी सड़कें वनवे करने की योजना है। प्रशासन का प्रयास है कि शहर की जनता की आवाजाही आसान की जाए। -पंकज शर्मा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर
 

जाम से निपटने के लिए 280 जवान तैनात
पर्यटन सीजन में ट्रैफिक ड्यूटी में पुलिस और होमगार्ड के 280 जवान तैनात किए हैं। वहीं एनसीसी कैडेट समेत वालंटियरों की मदद भी ली जा रही है। शहर को पांच सेक्टरों में बांटा है हर सेक्टर की जिम्मेदारी अधिकारी को सौंपी गई है। 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स भी तैनात किए हैं। शोघी में अपर शिमला के लिए वाहनों को वाया आनंदपुर होकर डायवर्ट किया जा रहा है जिससे लोगों को जाम से न जूझना पड़े। -गौरव सिंह, एसएसपी शिमला

वाहनों के खराब होने से लगा जाम
राजधानी शिमला में हजारों पर्यटकों के वाहन हर रोज पहुंच रहे हैं। इस वजह से वाहनों का दबाव शहर में बढ़ गया है। शहर के सर्कुलर रोड समेत अन्य व्यस्त मार्गों पर बसों और ट्रक के खराब होने के कारण मंगलवार को लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। मंगलवार सुबह चक्कर बाइफिरकेशन पर सुबह के समय एक ट्रक बीच सड़क पर खराब हो गया।    
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पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को काफी मशक्कत के बाद हटवाया जिसके बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से हो सकी। दूसरा मामला आरअीओ ऑफिस के समीप का है जहां पर एचआरटीसी की बस बीच सड़क पर खराब हो गई। इस वजह से भी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही में काफी दिक्कतें आईं। तीसरा मामला ताराहॉल का है। यहां पर भी एचआरटीसी की बस बीच सड़क पर खराब हो गई थी। डीएसपी ट्रैफिक चंद्रशेखर ने बताया कि शहर में बसों और ट्रकों के खराब होने से यातायात प्रभावित हो रहा है। पुलिस शहर में यातायात को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 
 
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