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Shimla: नए सिरे से तय होगी शिमला से शालाघाट तक फोरलेन की अलाइनमेंट, जठिया देवी भी जुड़ेगा

Sat, 14 Feb 2026 11:20 AM IST
Krishan Singh अशोक चौहान, शिमला।

सार

 शिमला से लोअर हिमाचल के बीच आवाजाही को और आसान करने के लिए बनने वाले शिमला-शालाघाट फोरलेन की अलाइनमेंट अब नए सिरे से तय होगी।
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शिमला फोरलेन, ढली में टनल का निर्माण कार्य जारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लोअर हिमाचल के बीच आवाजाही को और आसान करने के लिए बनने वाले शिमला-शालाघाट फोरलेन की अलाइनमेंट अब नए सिरे से तय होगी। इसके लिए जल्द ही सर्वेक्षण और डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। नए सर्वेक्षण के बाद अब चार साल पहले तैयार की गई अलाइनमेंट में बदलाव होना तय है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने मार्च से सर्वेक्षण का काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इसी साल के अंत तक इस फोरलेन का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। इसके बनने से राजधानी का लोअर हिमाचल से सफर आसान हो जाएगा। शिमला-मटौर फोरलेन के तहत शालाघाट से शिमला तक करीब 27 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण होना है। एनएचएआई ने साल 2022 में भी सर्वेक्षण कर इसकी अलाइनमेंट तैयार की थी। हालांकि उस समय सिर्फ टू लेन को लेकर इसका सर्वेक्षण किया था। इसे डीपीआर का रूप नहीं दिया था।

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जाठियादेवी समेत कई नए गांवों से गुजरेगा फोरलेन
एनएचएआई का दावा है कि अब टू लेन की जगह फोरलेन निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार होनी है। यह डीपीआर नए सर्वेक्षण के आधार पर बनेगी। सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करने के लिए कंसलटेंट की तैनाती की जा रही है जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। मार्च से यह काम शुरू हो जाएगा। शिमला-शालाघाट फोरलेन जाठियादेवी समेत शिमला ग्रामीण के कई गांवों से होकर गुजर सकता है। जाठियादेवी में सरकार शिमला का नया शहर बसाने की योजना तैयार कर रही है। इसे फोरलेन से जोड़ने का भी दावा है। शिमला ग्रामीण के विधायक एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी यहां हुई जनसभाओं में गांवों को फोरलेन से जोड़ने के संकेत दे चुके हैं। हालांकि, नए शहर के कितने पास से फोरलेन गुजरेगा, इसका पता सर्वेक्षण के बाद चलेगा। एनएचएआई का कहना है कि आबादी वाले इलाकों को कम से कम नुकसान हो, इसका प्रयास किया जाएगा।

ढली-कैथलीघाट से जुड़ेगा, बनेगा टोल बैरियर
शिमला-शालाघाट फोरलेन तारादेवी से शोघी के आसपास कालका-शिमला फोरलेन के हिस्से ढली-कैथलीघाट से जुड़ेगा। शिमला से नौणी के बीच इस फोरलेन पर एक टाेल बैरियर भी बनेगा। एनएचएआई ने पहले जो सर्वे किया था उसमें शिमला के 51 और सोलन के चार गांव सड़क निर्माण की जद में आ रहे थे। इन गांवों के लोग भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब कितने गांव फोरलेन की जद में आएंगे, इसका पता सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद चलेगा।

जल्द तैयार होगी फोरलेन की डीपीआर
शिमला-शालाघाट फोरलेन की अलाइनमेंट और डीपीआर जल्द तैयार होगी। इसके लिए मार्च से सर्वेक्षण शुरू करवाने की तैयारी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। -कर्नल अजय सिंह बरगोती, क्षेत्रीय अधिकारी शिमला, एनएचएआई
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लोअर हिमाचल, चंडीगढ़ के लिए आसान होगी आवाजाही
 दो फोरलेन बनने से राजधानी शिमला के लिए अब चंडीगढ़ और लोअर हिमाचल से आवाजाही आसान होगी। शिमला परवाणू फोरलेन का काम अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। परवाणू से कैथलीघाट तक ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब कैथलीघाट से ढली तक 27 किलोमीटर लंबे फोरलेन का काम चल रहा है। इसका 50 फीसदी काम भी पूरा करने का दावा किया गया है। एनएचएआई का कहना है कि साल 2027 के अंत तक इस फोरलेन को तैयार कर लिया जाएगा। इसके बनने से कैथलीघाट से ढली के बीच का सफर करीब दस किलोमीटर तक घट जाएगा। खास बात यह है कि लोगों को शिमला शहर में प्रवेश किए बिना आवाजाही का विकल्प मिल जाएगा। यह फोरलेन शिमला मटौर फोरलेन से भी जुड़ेगा जिससे लोगों को फायदा होगा। इससे जहां शिमला शहर में यातायात जाम से राहत मिलेगी वहीं सेब बागवानों को भी सुविधा होगी। बागवानों के मुताबिक फोरलेन के बनने के बाद जाम कम होने से सेब जल्द और सुविधाजनक तरीके से चंडीगढ़ तथा दिल्ली की मंडियों में पहुंचेगा। अभी सड़कें खराब होने के कारण लगने वाले झटकों से कई बार सेब दागी हो जाता है। फोरलेन बनने के बाद इस नुकसान से भी राहत मिल जाएगी।
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