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Shimla: शहर में गमले लगाने के प्रोजेक्ट में घपले का अंदेशा, भुगतान पर रोक

Wed, 30 Nov 2022 10:54 AM IST
Krishan Singh अशोक चौहान

सार

योजना थी कि फूल, बेलदार और सजावटी पौधों के गमले लगाकर कंकरीट की इन दीवारों को हरा भरा किया जाए ताकि शहर सुंदर दिख सके। लोक निर्माण विभाग के हार्टीकल्चर डिवीजन को इसका जिम्मा सौंपा गया। 
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शहर की दीवारों में लगाए गए गमले। - फोटो : अमर उजाला
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शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजधानी के सौंदर्यीकरण के प्रोजेक्ट में घपले का अंदेशा है। प्रोजेक्ट को लेकर मिलीं शिकायतों के बाद स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने इसका पैसा जारी करने पर रोक लगा दी है। साथ ही लोक निर्माण विभाग से इसका रिकॉर्ड भी तलब किया है। रिकॉर्ड मिलने पर ही अब इसका भुगतान किया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने पूछा है कि आखिर इस प्रोजेक्ट के तहत कहां और कितने गमले लगाए गए हैं। इन गमलों की खरीद कहां से की। गमलों में लगाए पौधे कहां से लाए और किस नर्सरी से खरीदे। प्रोजेक्ट को लेकर कई लोगों ने आरटीआई के तहत भी जानकारी मांगी है। स्मार्ट सिटी के सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के तहत शहर की सड़कों के किनारे लगी बड़ी-बड़ी दीवारों को संवारने की योजना बनाई थी। 


   योजना थी कि फूल, बेलदार और सजावटी पौधों के गमले लगाकर कंकरीट की इन दीवारों को हरा भरा किया जाए ताकि शहर सुंदर दिख सके। लोक निर्माण विभाग के हार्टीकल्चर डिवीजन को इसका जिम्मा सौंपा गया। सर्कुलर रोड के अलावा मालरोड पर भी ढलानदार जगहों पर यह फाइबर गमले लगाए गए और बरसात में इनमें फूल खिलने लगे। शहरभर में कुल 1200 से ज्यादा गमले लगाने का दावा किया है। इस प्रोजेक्ट पर 87 लाख रुपये खर्च किया है। काम पूरा होने के बाद ठेकेदारों को पैसा जारी होता, उससे पहले ही कई शिकायतें पहुंच गईं।
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सूख गए फूल, दीवारों पर लटके हैं सिर्फ गमले
शहर में सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के तहत लगाए गमले बरसात में तो हरे भरे रहे लेकिन अब इनका रखरखाव न होने से यह सूख गए है। अब सफेद रंग के गमले दीवारों पर लटके हैं। प्रोजेक्ट को लेकर स्मार्ट सिटी प्रबंधन और विभाग भी आमने-सामने हैं। विभाग का कहना है कि प्रोजेक्ट को लेकर जो रिकॉर्ड मांगा था, वह भेजा जा चुका है। अब पौधों के रखरखाव के लिए 14 लाख रुपये मांगे थे ताकि यह सूख न जाए लेकिन यह पैसा नहीं मिला। इस कारण पौधे सूख गए। स्मार्ट सिटी प्रबंधन का कहना है कि विभाग को इनके रखरखाव की व्यवस्था करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। विभाग का दावा है कि टेंडर के बाद कई बैठकों में यह मामला उठाया जा चुका है कि रखरखाव का अलग पैसा लगेगा लेकिन यह समय पर नहीं दिया जिससे पौधे सूख गए।
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रिकॉर्ड देने पर ही जारी होगा पैसा
सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के तहत शहर में कहां कितने गमले लगे, इसका पूरा रिकॉर्ड देने को कहा है। इसके बाद ही पैसा जारी होगा। बुधवार को स्मार्ट सिटी मिशन की बैठक में भी इस प्रोजेक्ट पर रिपोर्ट ली जाएगी।
-मनमोहन शर्मा, प्रबंध निदेशक, स्मार्ट सिटी मिशन

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