40 करोड़ रुपये की योजनाएं जनता कीं समपर्पित
19.25 करोड़ से बनी है पनदोआ खड्ड योजना शुरू अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को शिमला ग्रामीण क्षेत्र की ओगली पंचायत में करोड़ों रुपये की योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इससे हजारों लोगों को पेयजल और सड़क सुविधा मिलेगी। इस दौरान उन्होंने करीब 40 करोड़ की योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किए।
मंत्री ने सिराज क्षेत्र की आठ पंचायतों के लिए तैयार की उठाऊ पेयजल योजना पनदोआ खड्ड-केल बागड़ी का लोकार्पण किया। 19.25 करोड़ से तैयार की गई इस पेयजल योजना से आठ पंचायतों के लोगों को सुविधा मिलेगी। इनमें बाग, धरोगड़ा, ओगली, हिमरी, करयाली, डोमैहर, भराड़ा और चेबड़ी पंचायतें शामिल हैं। योजना से 14,658 लोगों को पेयजल आपूर्ति होगी। इसमें प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी मुहैया करवाने का लक्ष्य रखा है। इसमें दो स्टोरेज टैंक बनेंगे जिनकी क्षमता 131500 और 85000 लीटर है। चार पंप हाउस बनाए गए हैं। जलोग में मिल्क कलेक्शन सेंटर की स्थापना को लेकर तेजी से काम हो रहा है। दुग्ध सहकारी समितियां का गठन किया जा रहा है।
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लोक निर्माण मंत्री ने कडारघाट-पलग सेरकड़ी सड़क का लोकार्पण भी किया। यह सड़क 6.61 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई है। इसके अलावा चेवड़ी-सेरकड़ी सड़क का लोकार्पण भी किया। इसके निर्माण कार्य पर 36.57 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस दौरान चार सड़कों का शिलान्यास भी किया गया। इनमें डोमैहर-नावी सड़क पर 6.61 करोड़, कंडा-लूनू सड़क पर 2.24 करोड़, डीजीबीआर से घरेना सड़क पर 88.92 लाख और शरोग-खल रोड पर 89.93 लाख रुपये खर्च होंगे। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र कडारघाट का भी लोकार्पण किया गया। इस सड़क के निर्माण पर 62.63 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण के तहत 200 करोड़ की लागत से सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। दो साल के भीतर सभी सड़कें तैयार हो जाएंगी। मौके पर आए महिला मंडलों को उन्होंने 5000-5000 रुपये देने का एलान किया।
42 महिला मंडलों को बांटी सिलाई मशीन
विक्रमादित्य सिंह ने कार्यक्रम के दौरान 42 महिला मंडलों को सिलाई मशीनें वितरित कीं। इन महिला मंडलों में बाग, बठोरा, क्यालू, पानेवट, बरोटा, पंदोआ, द्रोगड़ा, सदोआ, डमोग, ऐशा भामनोल, ग्लाह सरैया, ऐवग, सरैया, पलगेड, कडार घाट, डोमैहर, पलग, खोब, नावी, घडेरी, बनुना, बागड़ी, हिमरी, भराड़ू, करियली, ड्रॉल, चपड़ानी, पार घिसना, नाराड़, नलाह साल, जैसी, भराड़ा, ओगली, जलोग, मालगी, मानद, कोठी, सुमा बागी, पाडियान और तलाह शामिल रहे।