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शिमला रेप केस: CBI ने कब्जे में लिया 3 बैंकों का रिकॉर्ड, हुआ है बड़ा लेनदेन

Thu, 30 Nov 2017 02:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सीबीआई टीम के एसपी एसएस गुरुम, डीएसपी सीमा पाहूजा, एएसपी आरके सेठी
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गुड़िया रेप हत्याकांड से जुड़े लॉकअप हत्याकांड में आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दायर करने के बाद सीबीआई ने कोटखाई में दसवीं की छात्रा से दुराचार और हत्या मामले की जांच तेज कर दी है। 
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जांच एजेंसी ने शिमला के तीन नामी बैंकों का रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं। चार्जशीट में भले ही लेनदेन का उल्लेख नहीं है पर बैंक अफसरों को गवाह बनाने और अब रिकॉर्ड कब्जे में लेने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

गुड़िया मामला बीते 6 जुलाई को सामने आया था। इसीलिए सीबीआई ने जुलाई से सितंबर महीने का रिकॉर्ड कब्जे में लेकर इन तीन महीनों के दौरान हुए ट्रांजेक्शन को खंगालना शुरू कर दिया है।
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पैसे के लेनदेन से मिले कुछ सबूत

सीबीआई सूत्रों की मानें तो पैसे के लेनदेन से संबंधित कुछ तथ्य हाथ लगे हैं। लेन-देन किस तरह का है, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। चार्जशीट में एक नामी बैंक के मैनेजर और दो बैंकों के डिप्टी मैनेजरों को गवाह बनाया गया है।

इनके अलावा 81 और लोग गवाह बनाए गए हैं। लॉकअप हत्याकांड से जुड़े आरोपियों में सभी पुलिस वाले हैं। ऐसे में बैंक का नाम सामने आने से गुत्थी और उलझ रही है।

बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में कोई लेनदेन इन बैंकों के माध्यम से हुआ है, जिसका खुलासा होना बाकी है। सच्चाई गुड़िया प्रकरण में दाखिल होने वाली चार्जशीट से साफ होगी, लेकिन बैंकों से कनेक्शन है यह अभी तक हुई सीबीआई जांच से साबित हो चुका है। 

जुड़ रहीं कड़ियां

सीबीआई गुड़िया और लॉकअप हत्याकांड मामले की कड़ियां जोड़ रही है। गुड़िया दुराचार और हत्या मामले के बाद ही पुलिस हिरासत में सूरज का कत्ल हुआ था। स्थानीय लोगों और गवाहों के सहयोग से सीबीआई गुड़िया मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।

लॉकअप हत्याकांड में सामने आ चुका है कि जिन 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, उनसे जबरन जुर्म कबूल करवाया गया था। उनके नार्को, पॉलीग्राफ टेस्ट में कोई सबूत हाथ नहीं लगा।

सूरज हत्याकांड में आज स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी सीबीआई

गुड़िया दुराचार व हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई वीरवार को सूरज हत्याकांड पर हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। हाईकोर्ट ने सूरज की पुलिस थाने में हुई हत्या के मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तीन महीने का समय दिया।

अब वीरवार को वह मियाद पूरी हो रही है। सीबीआई पहले ही इस मामले में आईजी जहूर जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी समेत नौ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर सीबीआई कोर्ट में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

यही नहीं 84 गवाहों में से एक दर्जन से ज्यादा के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। ऐसे में वीरवार की स्टेटस रिपोर्ट पर हाईकोर्ट का रुख नरम रह सकता है। वहीं, गुड़िया प्रकरण पर सीबीआई को हाईकोर्ट ने 20 दिसंबर तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
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सीबीआई ने फेरीवालों से की पूछताछ

गुड़िया दुराचार और हत्या मामले में सीबीआई ने बुधवार को टयआली स्कूल के बाहर घूम रहे फेरीवालों से लंबी पूछताछ की। सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम दोपहर बाद ढाई बजे टयआली पहुंची। उन्होंने स्कूल के बाहर घूम रहे दो फेरीवालों से 7 से 8 प्रश्न किए।

पूछा कि उनका कब से इस इलाके में आना जाना है? कहां से सामान लाते हैं? क्षेत्र में कौन-कौन सामान खरीदता है? क्या गुड़िया को जानते थे। आदि जानकारी जुटाई। इसके अलावा सीबीआई की टीम ने टयआली स्कूल में भी विद्यार्थियों से पूछताछ की। सीबीआई की टीम प्रतिदिन शिमला से ही अप-डाउन कर रही है।

करीब साढ़े 11 बजे टीम टयआली के लिए रवाना हुई। इस दौरान उन्होंने करीब 10 लोगों से गुड़िया मामले में पूछताछ की। पांच बजे टीम शिमला रवाना हो गई। टीम ने बीते मंगलवार को भी उन छात्रों से गुड़िया के बारे में पूछा जो महासू स्कूल छोड़कर टयआली आए हैं।

टयआली स्कूल पहले 10वीं तक था। अब प्रदेश सरकार ने इसे अपग्रेड करके जमा दो किया है। इसके चलते महासू स्कूल से कई छात्र इस स्कूल में शिफ्ट हुए हैं।
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