यहां इसे कई हिस्सों में बांटकर आगे सप्लाई किया जाना था। बैकवर्ड लिंकेज की जांच के बाद शिमला पुलिस की टीम ने पंजाब के तरनतारन में विशेष अभियान चलाकर शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसके अन्य संपर्कों और सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। कोटखाई में दर्ज दूसरे मामले में पुलिस टीम ने तीन आरोपियों राहुल शर्मा, रक्षित चौहान और लवली शर्मा के कब्जे से 64 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैकवर्ड लिंकेज को खंगालते हुए अमित महावे को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच में सप्लाई नेटवर्क की एक और महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई। पुलिस के अनुसार पंजाब के मोगा निवासी 26 वर्षीय कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी अमित महावे के नियमित संपर्क में था और उसे हेरोइन उपलब्ध करवाता था। अमित महावे आगे हिमाचल में अपने संपर्कों के माध्यम से इसकी सप्लाई करता था। बैकवर्ड लिंकज के आधार पर पुलिस ने 8 अगस्त को कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी को जालंधर से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से हेरोइन की सप्लाई चेन की एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय कड़ी का खुलासा हुआ है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके अन्य संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।
2026 में 66 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक 216 मामले दर्ज कर 448 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बैकवर्ड लिंकेज की कार्रवाई के जरिए 66 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया और 50 प्रमुख नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। वर्ष 2025 में 7 और वर्ष 2024 में 12 सप्लायर गिरफ्तार किए गए थे। इस वर्ष अब तक 4.4 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 1.3 किलोग्राम और 2024 में 1.8 किलोग्राम था।
तस्करों की आर्थिक रीढ़ पर भी प्रहार
पुलिस ने नशा तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई तेज की है। वर्ष 2026 में वित्तीय जांच के आधार पर 6.38 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है। वर्ष 2025 और 2024 में इस श्रेणी में कोई संपत्ति जब्त या फ्रीज नहीं की गई थी। वहीं, पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत 2026 में अब तक 40 निवारक निरोध किए गए हैं। वर्ष 2025 में 3 और वर्ष 2024 में कोई निवारक निरोध नहीं किया गया था। पुलिस के अनुसार इन कार्रवाइयों से रणनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। अब स्थानीय स्तर पर नशे की खेप पकड़ने के साथ-साथ मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने, अंतरराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने, वित्तीय स्रोतों पर कार्रवाई करने और नशा तस्करों के खिलाफ निवारक कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है।