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फाइलों में दफन कर दिए बुजुर्ग दंपती को वृद्धाश्रम पहुंचाने के आदेश, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 12 Nov 2019 12:45 PM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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मौजूदा सरकार की अफसरशाही और मुलाजिमों की फौज अनाथ लोगों और असहाय बुजुर्गों के पुनर्वास को लेकर कितनी संवेदनशील है, इसका जीता-जागता उदाहरण दर-दर भटकता रामपुर का धंगी दंपती है। इस बुजुर्ग असहाय पति-पत्नी को बसंतपुर स्थित वृद्धाश्रम भेजने का फैसला फरवरी में हो गया था, लेकिन यह दोनों आज आठ महीने बाद भी कड़ाके की ठंड में सड़कों पर रातें गुजार रहे हैं। अब सीएम कार्यालय की तल्खी के बाद राज्य समाज कल्याण बोर्ड और इस वर्ग के कल्याण के लिए गठित निदेशालय मामला अब ध्यान में आने की बात कर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। पति-पत्नी दोनों को लोग एक ही धंगी नाम से पुकारते हैं। 

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सीएम हेल्पलाइन पर हुई इस शिकायत को सोमवार को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से छापा। हेल्पलाइन पर शिकायत एक सामाजिक कार्यकर्ता विशाल चौहान ने की। इस पर अमर उजाला में खबर छपने के बाद इसके बाद राज्य समाज कल्याण बोर्ड और अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विशेष रूप से सक्षम निदेशालय दोनों ही जाग गए। धूल फांकती फाइलें टटोली गईं तो इस बारे में 22 फरवरी 2019 को निदेशक की ओर से बोर्ड सचिव को लिखा पत्र सामने आया, जिसमें इस दंपती को बसंतपुर वृद्धाश्रम भेजने को लिखा गया है। इसकी प्रति भी वृद्धाश्रम के प्रबंधक और धंगी दंपती को भेजी गई। 

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पत्र अब मिला, वृद्धाश्रम पहुंचा रहे : ठाकुर  

इस दंपती को आज तक इसकी सूचना नहीं दी गई कि उन्हें वृद्धाश्रम भेजने का निर्णय हो गया है। इनमें से पति को बहुत ऊंचा सुनता है, पत्नी भी अस्वस्थ है। ये दोनों मांग-मांगकर गुजारा करते हैं। रामपुर में यहां-वहां बिस्तर बांधकर भटकते रहते हैं। रात को कहीं भी सड़क, रेन शेल्टर या किसी अन्य आश्रय स्थल में ठहर जाते हैं। 

तहसील कल्याण अधिकारी रामपुर शशि ठाकुर का कहना है कि इस बारे में उनके कार्यालय में कोई सूचना उपलब्ध नहीं थी। अधिकारियों को फरवरी 2019 को लिखा और धंगी दंपती के नाम भेजी इसकी प्रति उनके कार्यालय के नोटिस में अब आया है। बुजुर्ग दंपती को बसंतपुर पहुंचाया जाएगा।  

आठ महीने पुराना फैसला क्यों लागू नहीं हुआ, तहकीकात कर रहे : नेगी 
राज्य समाज कल्याण बोर्ड के सचिव एसडी नेगी ने कहा कि फरवरी को हुए फैसले को अभी तक लागू नहीं किया जा सका है, इसकी तहकीकात कर रहे हैं। मामला जायज है तो इस दंपती को बसंतपुर वृद्धाश्रम पहुंचाया जाएगा। कई बार ऐसे मामलों पर कानूनी राय भी लेनी होती है कि उनका पीछे कोई वारिस तो नहीं है।   
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