इस दंपती को आज तक इसकी सूचना नहीं दी गई कि उन्हें वृद्धाश्रम भेजने का निर्णय हो गया है। इनमें से पति को बहुत ऊंचा सुनता है, पत्नी भी अस्वस्थ है। ये दोनों मांग-मांगकर गुजारा करते हैं। रामपुर में यहां-वहां बिस्तर बांधकर भटकते रहते हैं। रात को कहीं भी सड़क, रेन शेल्टर या किसी अन्य आश्रय स्थल में ठहर जाते हैं।
तहसील कल्याण अधिकारी रामपुर शशि ठाकुर का कहना है कि इस बारे में उनके कार्यालय में कोई सूचना उपलब्ध नहीं थी। अधिकारियों को फरवरी 2019 को लिखा और धंगी दंपती के नाम भेजी इसकी प्रति उनके कार्यालय के नोटिस में अब आया है। बुजुर्ग दंपती को बसंतपुर पहुंचाया जाएगा।
आठ महीने पुराना फैसला क्यों लागू नहीं हुआ, तहकीकात कर रहे : नेगी
राज्य समाज कल्याण बोर्ड के सचिव एसडी नेगी ने कहा कि फरवरी को हुए फैसले को अभी तक लागू नहीं किया जा सका है, इसकी तहकीकात कर रहे हैं। मामला जायज है तो इस दंपती को बसंतपुर वृद्धाश्रम पहुंचाया जाएगा। कई बार ऐसे मामलों पर कानूनी राय भी लेनी होती है कि उनका पीछे कोई वारिस तो नहीं है।