नीट के रिजल्ट में गड़बड़ी के बाद फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर एमबीबीएस सीट पाने वाले छात्र के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि छात्र के नीट परीक्षा में 400 अंक आए थे। छात्र ने गड़बड़ी कर अंक 400 से बढ़ाकर 560 कर दिए। अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (मंडी) की मेरिट में आने से छात्र का चयन आईजीएमसी के लिए हो गया।
आईजीएमसी में करीब दो माह पहले ही एमबीबीएस का नया बैच बैठा है। 120 छात्र-छात्राओं के बैच में छात्र मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहा था। इस बीच, आईजीएमसी के स्टूडेंट सेक्शन के कर्मी प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं का डाटा नेशनल मेडिकल काउंसिल की साइट पर अपलोड करने लगे। जब इस प्रशिक्षु छात्र का डाटा अपलोड किया जाने लगा तो उसका मिलान नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि इस डाटा में किसी दूसरे छात्रा का नाम था। इसके बाद कर्मियों ने प्राचार्य से शिकायत की। प्रबंधन सतर्क हुआ और छात्र को कॉलेज से निष्कासित कर दिया। हालांकि, अब एक सीट खाली हो गई है तो कॉलेज प्रबंधन सीट भरने संबंधी आगामी प्रक्रिया शुरू करना चाहता है।
काउंसलिंग और सभी सीटें भर चुकी हैं तो यह सीट खराब हो सकती है। ऐसे में प्रबंधन इससे संबंधी तमाम जानकारी अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को देगा। अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के निर्देशों के बाद ही आगामी प्रक्रिया अमल में लाएगी। आईजीएमसी की प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।