राजधानी शिमला स्थित 23 निजी स्कूल कोरोना संकट के बीच इस साल सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेंगे। बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी स्कूल प्रबंधकों ने ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का फंड नहीं लेने पर सहमति जताई। निदेशक ने सभी स्कूलों को हिदायत देते हुए कहा कि फीस वसूली को लेकर न तो किसी अभिभावक को चेतावनी भरे एसएमएस भेजे जाएं और न ही किसी विद्यार्थी का परीक्षा परिणाम रोका जाए।
उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि सभी स्कूलों ने अपनी सहमति जता दी है। आने वाले दिनों में इस मामले को रिव्यू किया जाएगा। अगर कोई स्कूल इस सहमति को तोड़ता है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ब़ुधवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में दोपहर बाद निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की अध्यक्षता में निजी स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक हुई।
सभी स्कूलों की बात सुनने के बाद निदेशक ने कहा कि कोरोना से पूरा विश्व त्रस्त है। ऐसे में निजी स्कूलों की जिम्मेवारी बनती है कि वे भी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अभिभावकों को कुछ राहत दें। लंबी चर्चा के बाद आम सहमति बनी कि इस साल शिमला के निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेंगे।
पूरी फीस चुकाने वालों को फिलहाल कोई राहत नहीं
ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फंड निजी स्कूलों को फीस के तौर पर दे चुके अभिभावकों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। संभावित है कि अगले शैक्षणिक सत्र में इन अभिभावकों द्वारा दी गई पूरी फीस को एडजस्ट किया जाएगा।