राजधानी के उपनगर टुटू में रिहायशी मकान में चल रहे एक निजी नर्सिंग होम को बंद करने के आदेश जारी हो गए हैं। यह रिहायशी मकान कांग्रेस के एक पूर्व विधायक का है। नियमानुसार रिहायशी मकानों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां नहीं चलाई जा सकती हैं। निगम के अनुसार इस मकान में किसी दूसरे व्यक्ति ने नर्सिंग होम खोला है। अब इस मकान का बिजली-पानी काटने के आदेश जारी किए हैं। नर्सिंग होम बंद करने पर ही मकान का बिजली और पानी बहाल हो पाएगा।
नगर निगम ने अवैध निर्माण करने वाले छह भवन मालिकों पर भी बड़ा फैसला सुनाया है। इन सभी को तुरंत अवैध निर्माण गिराने के आदेश जारी हुए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत में शनिवार को अवैध निर्माण से जुड़े 59 मामलों पर सुनवाई हुई। इनमें नौ मामलों में फैसला सुनाया है। संजौली में बिना नक्शे के बने दो मंजिला मकान को गिराने का आदेश जारी किया गया है। नगर निगम के अनुसार मकान मालिक ने नक्शा पास करवाए बिना इसका निर्माण किया था। संजौली में ही एक भवन मालिक ने गुपचुप अपने तीन मंजिला भवन में एक अतिरिक्त मंजिल बना दी थी। इसे भी गिराने के आदेश जारी हुए हैं। मिडल बाजार और पंथाघाटी में दो भवनों में ऊंचाई बढ़ाने, छज्जे समेत अन्य विस्तार के कारण इस निर्माण को तोड़ने को कहा है।