सभी आरोपी हरियाणा के सोनीपत और झज्जर जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।घटना का विवरण19 मार्च 2026 को शाम के समय शिमला पुलिस की स्पेशल सेल टीम को सूचना मिली कि तारादेवी जीरो पॉइंट से करीब 100 मीटर आगे टूटू बाईपास सड़क पर एक संदिग्ध वाहन नशे का सामान लेकर जा रहा है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन संख्या HR12AX5838 (काले रंग की स्विफ्ट कार) को रोका। तलाशी के दौरान कार में सवार पांचों व्यक्तियों के कब्जे से 94 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने चिट्टा बेचने के इरादे से शिमला लाने की बात स्वीकार की है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
अन्जीत (34 वर्ष), पुत्र जोगिन्दर सिंह, निवासी डा. सैरी, तहसील खरखोदा, जिला सोनीपत (हरियाणा)
इरफान (38 वर्ष), पुत्र निजामुदीन, निवासी वीपीओ तलोह, जिला झज्जर (हरियाणा)
रविकांत (30 वर्ष), पुत्र सुरेन्द्र, निवासी गांव खान्डा, तहसील खरखोदा, जिला सोनीपत (हरियाणा)
मुकेश (47 वर्ष), पुत्र लालचंद, निवासी वीपीओ खडीखुमार, जिला झज्जर (हरियाणा)
नरेन्द्र (38 वर्ष), पुत्र मुख्तयार सिंह, निवासी वीपीओ खान्डा, तहसील खरखोदा, जिला सोनीपत (हरियाणा)
सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना वेस्ट, शिमला में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। अदालत में पेश करने पर पांचों को शुरू में पांच दिन का पुलिस रिमांड मिला। बाद में इरफान, मुकेश, नरेन्द्र और रविकांत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि आरोपी अन्जीत को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह की अन्य सदस्यों, सप्लाई स्रोत और शिमला में चिट्टे के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
शिमला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। अंतरराज्यीय तस्करों पर नकेल कसने के लिए स्पेशल सेल सक्रिय रूप से काम कर रही है। हाल के दिनों में शिमला पुलिस ने कई बड़ी बरामदगियाँ की हैं, जिससे नशा तस्करी के रैकेट पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।