हिमाचल पथ परिवहन निगम को जिला अदालत ने 40.35 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। वाहन दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को अदालत ने मुआवजे का हकदार ठहराया है। बहादुर सिंह वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शिमला ने मुआवजे की राशि पर 7.5 फीसदी ब्याज भी अदा करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की राशि दो महीनों के भीतर बस ड्राइवर और निगम दोनों को देनी होगी। आश्रितों में मृतक की पत्नी और दो बच्चे शामिल हैं। 10 जून 2019 को बहादुर सिंह शोघी से शिमला की तरफ अपनी कार से सफर कर रहा था। इस दौरान शिमला की ओर से आ रही निगम की बस ने मृतक की गाड़ी को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में चालक की मौत हो गई थी।
मृतक के आश्रितों ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शिमला के समक्ष मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी। दलील दी गई कि इस दुर्घटना का मुख्य कारण चालक की लापरवाही थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आश्रितों की ओर से मुआवजे के लिए दायर की गई याचिका को स्वीकार किया।