महापौर ने पार्षदों की बैठक बुलाई थी कि इस मामले पर आगे क्या कार्रवाई कर सकते हैं। सभी पार्षद इस मामले में मेयर के साथ हैं लेकिन मेयर के करीबी पार्षदों ने इस बैठक में कांग्रेस पार्षदों को न बुलाने की बात कही।
इसके बाद सिर्फ भाजपा पार्षदों को ही बैठक में बुलाया गया। जब भाजपा पार्षदों को पता चला कि विपक्षी पार्षद इसमें शामिल नहीं होंगे तो इन्होंने भी बैठक से किनारा कर लिया। आखिर में मेयर-डिप्टी मेयर समेत करीब आधा दर्जन पार्षद ही बैठक में पहुंचे।