नगर निगम के समरहिल वार्ड में माकपा ने लगातार पांचवीं बार अपना परचम लहराया है। भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने माकपा के इस गढ़ में सेंध लगाने की इस बार भी काेशिश की लेकिन नतीजा इस बार भी माकपा के पक्ष में रहा। माकपा ने इस वार्ड में जीत हासिल की। पिछली बार माकपा पार्टी से वार्ड में जीतकर आई शैली शर्मा ने भाजपा का दामन थामा था। उन्होंने इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और हार का सामना करना पड़ा। आलम यह हुआ कि भाजपा इस वार्ड से भाजपा तीसरे स्थान पर रही। माकपा ने यह सिद्ध कर दिया कि समरहिल उनका गढ़ है और यहां से किसी अन्य पार्टी को चुनाव जीतना आसान नहीं है। नगर निगम शिमला के साल 1986 में पहली मर्तबा चुनाव हुए थे। चुनाव में राकेश सिंघा पहली बार चुनकर सदन में आए थे।
इसके बाद दो बार वार्ड से कांग्रेस पार्टी के पार्षद सदन में रहे। लेकिन वर्ष 2002 के बाद से अब तक माकपा ही यह वार्ड जीतती आई। साल 2002 में राजीव ठाकुर, 2007 में धनीराम कश्यप, 2012 में दीक्षा ठाकुर और 2017 में शैली शर्मा के बाद अब 2023 में वीरेंद्र ठाकुर जीतकर सदन में पहुंचे है। माकपा ने इस बार शहर के चार वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे। इनमें सांगटी वार्ड में कपिल दूसरे नंबर पर रहे है। ग्यारह साल पहले समरहिल वार्ड से जीती पार्षद दीक्षा ठाकुर ने टुटू वार्ड से चुनाव लड़ा और 426 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रही। कृष्णानगर वार्ड से अमित ने अपने वोट बैंक में बढ़ोतरी की है।
कांग्रेस की जीत का जश्न मनाते समर्थक।
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शहर के 34 वार्डों में हुए नगर निगम चुनाव में इस बार 456 लोगों ने नोटा का बटन दबाया है। सबसे अधिक खलीनी में 27 और सबसे कम मल्याणा वार्ड में तीन लोगों ने नोटा का बटन दबाया है। भराड़ी वार्ड में 11, रुल्दुभट्ठा में 13, कैथू में 23, अनाडेल में 17, समरहिल में 18, टुटू में 14, मज्याठ में 6, बालूगंज में 4, कच्चीघाटी 14, टूटीकण्डी में 20, नाभा में 16, फागली में 26, कृष्णानगर में 17, रामबाजार में 15, लोअर बाजार में 14, जाखू में 10, बैनमोर में 16, इंजनघर 9, संजौली चौक में 19, अप्पर ढल्ली में 6, लोअर ढल्ली में 15, शांति विहार में 9, भट्टाकुफर में 8, सांगटी में 9, मल्याणा में 3, पंथाघाटी में 9, कसुम्पटी में 10, छोटा शिमला में 4, विकासनगर में 8, कंगनाधार में 11, पटयोग में 15, न्यू शिमला में 8, खलीनी में 27 और कनलोग में 22 लोगों ने नोटा को दबाया है।