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Shimla MC Election: पहली बार सदन में पहुंचीं 21 महिलाएं, 13 पूर्व पार्षद चुनाव हारे

Fri, 05 May 2023 11:49 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

नगर निगम चुनाव के लिए 17 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए थे। इन 17 वार्डों के अलावा चार वार्ड ऐसे भी हैं जहां महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। इस तरह सदन में इस बार 21 महिला पार्षद बैठेंगी। 
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विजेता उम्मीदवारों के साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शिमला नगर निगम के इतिहास में पहली बार 21 महिला पार्षद सदन का हिस्सा होंगी। इस बार नगर निगम चुनाव में रिकॉर्ड 21 महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। साल 2017 में हुए चुनाव में 20 महिला पार्षद चुनकर सदन में पहुंची थीं। इस बार इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सदन में इस बार महज 13 पुरुष पार्षद होंगे। शहर में नगर निगम चुनाव के लिए 17 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए थे। इन 17 वार्डों के अलावा चार वार्ड ऐसे भी हैं जहां महिला प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। इस तरह सदन में इस बार 21 महिला पार्षद बैठेंगी। शहर के अनारक्षित वार्ड भराड़ी से मीना चौहान, अपर ढली से कमलेश मेहता, पटयोग से दीपक रोहाल और बैनमोर से शीनम कटारिया ने पुरुष प्रत्याशियों को मात देकर चुनाव में जीत हासिल की है।

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सदन में इस बार 15 पुराने, 19 नए चेहरे
नगर निगम चुनाव में इस बार 15 पूर्व पार्षद जीत हासिल कर दोबारा सदन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। वहीं 19 वार्डाें से नए प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। यह पहली बार सदन का हिस्सा बनेंगे। शहर के भराड़ी, अनाडेल, समरहिल, टुटू, मज्याठ, बालूगंज, कच्चीघाटी, लोअर बाजार, जाखू, बैनमोर, संजौली चौक, इंजनघर, लोअर ढली, शांति विहार, मल्याणा, कसुम्पटी, कंगनाधार, न्यू शिमला और खलीनी वार्ड से इस बार नए प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। इनके अलावा बाकी 15 वार्डाें से पूर्व पार्षद ही चुनाव जीते हैं।

दो पूर्व महापौर  समेत 13 पूर्व पार्षद हारे
नगर निगम शिमला के चुनाव में इस बार कई दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा है। नगर निगम के दो पूर्व महापौर समेत 13 पूर्व पार्षद चुनाव हार गए हैं। इनमें भाजपा को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। संजौली वार्ड से भाजपा के टिकट पर लगातार दो चुनाव जीतने वाली पूर्व महापौर सत्या कौंडल को इस बार हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने सत्या के सामने इस बार नई प्रत्याशी ममता चंदेल को मैदान में उतारा था। ममता ने 196 मतों से सत्या कौंडल को हरा दिया। इनके अलावा कांग्रेस से बागी हुए पूर्व महापौर सोहनलाल को भी हार मिली है। सोहनलाल इस बार कृष्णानगर वार्ड से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे। इन्हें महज 249 वोट मिले और तीसरे नंबर पर रहे। भराड़ी वार्ड से दो बार पार्षद रहे शहरी कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी भी चुनाव हार गए। इन्हें भाजपा की मीना चौहान ने 382 मतों से हराया।
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इन पूर्व पार्षदों को भी मिली हार
शहर के न्यू शिमला वार्ड से लगातार दो चुनाव जीतने वाली कांग्रेस प्रत्याशी कुसुमलता इस बार चुनाव हार गईं। इनके अलावा पूर्व पार्षद शैली शर्मा, निर्मला चौहान, किरण बावा, रूपचंद, भारती सूद, अनूप वैद, आरती चौहान, रेणु चौहान, दीपक रोहाल, पूर्ण मल, बृज सूद और दीक्षा ठाकुर भी चुनाव हार गए। यह सभी दूसरी बार चुनाव मैदान में थे।

समरहिल में माकपा ने पांचवीं बार लहराया जीत का परचम

mc shimla election - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम के समरहिल वार्ड में माकपा ने लगातार पांचवीं बार अपना परचम लहराया है। भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने माकपा के इस गढ़ में सेंध लगाने की इस बार भी काेशिश की लेकिन नतीजा इस बार भी माकपा के पक्ष में रहा। माकपा ने इस वार्ड में जीत हासिल की। पिछली बार माकपा पार्टी से वार्ड में जीतकर आई शैली शर्मा ने भाजपा का दामन थामा था। उन्होंने इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और हार का सामना करना पड़ा। आलम यह हुआ कि भाजपा इस वार्ड से भाजपा तीसरे स्थान पर रही। माकपा ने यह सिद्ध कर दिया कि समरहिल उनका गढ़ है और यहां से किसी अन्य पार्टी को चुनाव जीतना आसान नहीं है। नगर निगम शिमला के साल 1986 में पहली मर्तबा चुनाव हुए थे। चुनाव में राकेश सिंघा पहली बार चुनकर सदन में आए थे।

इसके बाद दो बार वार्ड से कांग्रेस पार्टी के पार्षद सदन में रहे। लेकिन वर्ष 2002 के बाद से अब तक माकपा ही यह वार्ड जीतती आई। साल 2002 में राजीव ठाकुर, 2007 में धनीराम कश्यप, 2012 में दीक्षा ठाकुर और 2017 में शैली शर्मा के बाद अब 2023 में वीरेंद्र ठाकुर जीतकर सदन में पहुंचे है। माकपा ने इस बार शहर के चार वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे। इनमें सांगटी वार्ड में कपिल दूसरे नंबर पर रहे है। ग्यारह साल पहले समरहिल वार्ड से जीती पार्षद दीक्षा ठाकुर ने टुटू वार्ड से चुनाव लड़ा और 426 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रही। कृष्णानगर वार्ड से अमित ने अपने वोट बैंक में बढ़ोतरी की है।
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34 वार्डों में 456 लोगों ने दबाया नोटा

कांग्रेस की जीत का जश्न मनाते समर्थक। - फोटो : अमर उजाला
 शहर के 34 वार्डों में हुए नगर निगम चुनाव में इस बार 456 लोगों ने नोटा का बटन दबाया है। सबसे अधिक खलीनी में 27 और सबसे कम मल्याणा वार्ड में तीन लोगों ने नोटा का बटन दबाया है। भराड़ी वार्ड में 11, रुल्दुभट्ठा में 13, कैथू में 23, अनाडेल में 17, समरहिल में 18, टुटू में 14, मज्याठ में 6, बालूगंज में 4, कच्चीघाटी 14, टूटीकण्डी में 20, नाभा में 16, फागली में 26, कृष्णानगर में 17, रामबाजार में 15, लोअर बाजार में 14, जाखू में 10, बैनमोर में 16, इंजनघर 9, संजौली चौक में 19, अप्पर ढल्ली में 6, लोअर ढल्ली में 15, शांति विहार में 9, भट्टाकुफर में 8, सांगटी में 9, मल्याणा में 3, पंथाघाटी में 9, कसुम्पटी में 10, छोटा शिमला में 4, विकासनगर में 8, कंगनाधार में 11, पटयोग में 15, न्यू शिमला में 8, खलीनी में 27 और कनलोग में 22 लोगों ने नोटा को दबाया है।
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