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Shimla: आधी-अधूरी तैयारियों के बीच लक्कड़ बाजार बस अड्डा शिफ्ट

Tue, 06 Dec 2022 11:27 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

लक्कड़ बाजार बस अड्डे से रोजाना 250 लोकल और लांग रूट बसें चलती हैं। 
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सड़क पर बसों का इंतजार करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आधी अधूरी तैयारियों के बीच लक्कड़ बाजार बस अड्डा आईजीएमसी नाला पार्किंग में शिफ्ट कर दिया गया। सोमवार को इस पार्किंग को खाली भी करवा दिया ताकि यहां से बसों का संचालन शुरू किया जा सके।  जिला प्रशासन ने सोमवार से बस अड्डा शिफ्ट करने के आदेश दिए थे लेकिन मंगलवार से नए स्थान से बसें चलेंगी। पार्किंग में बिजली, पानी, शौचालय, वर्षा शालिका, इंतजार कक्ष और क्लॉक रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। हिमालयन निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने बिना तैयारी के बस अड्डा शिफ्ट करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
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    लक्कड़ बाजार बस अड्डा एचआरटीसी के अधीन था, इसलिए नए अड्डे के प्रबंधन की जिम्मेवारी भी एचआरटीसी को सौंपी है। सोमवार को एचआरटीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पार्किंग को खाली करवाया। यहां खड़ी नगर निगम की स्वीपिंग मशीन, हनी सकर और कबाड़ हटाया गया। देर शाम लक्कड़ बाजार बुकिंग ऑफिस से कंप्यूटर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल भी शिफ्ट कर दिया गया। मंगलवार को लक्कड़ बाजार बस अड्डे को बैरिकेडिंग कर बंद करके सभी बसें आईजीएमसी नाले से चलाई जाएंगी। 

   हिमालयन बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव अतुल चौहान ने कहा कि सुविधाएं उपलब्ध करवाए बिना बस अड्डा शिफ्ट कर दिया है। शौचालय तक यहां नहीं है। अतिरिक्त उपायुक्त को सितंबर में मांगपत्र सौंप कर सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया था। प्रशासन को पानी, बिजली और शौचालय की सुविधा तुरंत उपलब्ध करवानी चाहिए।
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नगर निगम पार्किंग से चलेंगी बसें
नगर निगम की पार्किंग को खाली करवा कर जरूरी सामान शिफ्ट कर दिया है। मंगलवार से बसें नए स्थान से चलेंगी। व्यवस्था सुचारु होने में एक हफ्ता लग सकता है। बिजली पानी का कनेक्शन लगाया जा रहा है। अस्थायी शौचालय की व्यवस्था के लिए नगर निगम और यातायात व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा है।
-पंकज ठाकुर, आरएम, एचआरटीसी तारादेवी

खुले में शौच से फैलेगी गंदगी
बस अड्डे में शौचालय सबसे जरूरी होता है। नए अड्डे में शौचालय ही नहीं है। लोग खुले में शौच करेंगे तो गंदगी फैलेगी। आईजीएमसी नाले के आसपास दो किलोमीटर तक कोई शौचालय नहीं है। 
-संतराम 

बिना सुविधाओं के शिफ्ट न हो बस अड्डा
बिना सुविधाओं के बस अड्डा शिफ्ट नहीं करना चाहिए। पानी और शौचालय की सुविधा सबसे जरूरी है। लक्कड़ बाजार में जगह तंग है लेकिन लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं।
-लता सोनी

नए अड्डे में बिजली पानी तक नहीं
नए अड्डे में बिजली पानी तक नहीं लगा है। लोगों को परेशान करने के लिए बस अड्डा शिफ्ट कर रहे हैं। तीन महीनों से इसका काम चल रहा है, सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद अड्डा शिफ्ट होना चाहिए।
-हरि शंकर

दो किलोमीटर दूर कैसे पहुंचाएंगे सामान
ऊपरी शिमला के लिए बसों पर सामान जाता है। दो किलोमीटर दूर आईजीएमसी नाला तक सामान कैसे पहुंचाएंगे। मजदूर सामान ले जाने को तैयार नहीं होंगे। लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
-देवेंद्र सिंह

परिवार पालना हो जाएगा मुश्किल
आइस स्केटिंग रिंक  में दुकान दी गई है। वहां कोई ग्राहक नहीं आता। बस स्टैंड पर ही छोटा मोटा काम करके परिवार पाल रहे हैं। बस अड्डा शिफ्ट हुआ तो परिवार पालना मुश्किल हो जाएगा। 
-विष्णु कुमार

आम लोगों की सुविधा का भी रहे ख्याल 
लोगों की सुविधा के लिए जगह न होने पर भी लक्कड़ बाजार में क्लॉक  रूम चला रहे हैं। नाले में क्लॉक रूम नहीं मिलेगा। आम लोगों की सुविधा का भी ख्याल रखा जाना चाहिए।
-बशीर अहमद भट्ट

रोजाना चलती हैं 250 लोकल लांग रूट बसें
लक्कड़ बाजार बस अड्डे से रोजाना 250 लोकल और लांग रूट बसें चलती हैं। शहर की मुद्रिका रूट पर चलने वाली एचआरटीसी और प्राइवेट बसों के अलावा ऊपरी शिमला के अलावा किन्नौर, सुन्नी बसंतपुर और करसोग रूट पर इस अड्डे से बसें रवाना होती हैं।
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