राजधानी में तीन दिन की भारी बारिश कई लोगों को बेघर कर गई। कृष्णानगर में पहाड़ी दरकने और मकान ढहने से 19 परिवारों के 70 लोग अब घर और दो वक्त की रोटी के लिए दूसरों के सहारे हैं। संवाददाता रीतिका शर्मा ने बुधवार को मौके का जायजा लिया। पेश है लाइव रिपोर्ट :-
दिन : बुधवार। स्थान : कृष्णानगर की विष्णु मंदिर काॅलोनी। सुबह के 10:30 बजे हैं। मकान ढहने से बेघर हुए कई लोगों की आंखें नम: हैं। आज यहां न इनके घर हैं और न ही जमीन बची है। लोग एक दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं। रोते हुए कुछ महिलाएं कह रही हैं कि उनकी जीवन भर की कमाई खत्म हो गई। अब कहां जाएंगे, कहां रहेंगे, कोई पता नहीं। कई लोग मलबे से सामान तलाशने के लिए भी पहुंचे हैं। लेकिन पुलिस ने इन्हें आगे नहीं जाने दिया कुछ मकान असुरक्षित हो गए हैं।
इनमें रहने वाले लोग अब अपना सामान निकाल रहे हैं। पीठ पर सारा सामान सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। पार्षद बिट्टू कुमार भी मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है। एक बड़ी जेसीबी मंगवाई गई। इससे मलबा हटाने का काम तेज हो गया। 12:00 बजे मलबे में दबे कर्मचारी राजू का धड़ बरामद हुआ। मौके पर तीन भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है। इनकी नींव खाली हो गई हैं। इनमें रह रहे लोगों ने भी यहां से सामान समेटना शुरू कर दिया है।
पार्षद बिट्टू कुमार ने बताया कि इस हादसे से 19 परिवार बेघर हो गए हैं। रात को कई अंबेडकर भवन में ठहराए तो कई सामुदायिक भवन में भेजे गए। इनके खाने का प्रबंध गुरद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से किया है।
लोग बोले, पेड़ों को जल्द हटाया जाए
10 पेड़ ऐसे हैं जो अब भी 8 से 10 घरों के लिए खतरा बने हुए हैं। यह हादसा चार पेड़ों के गिरने से हुआ है। 10 साल से वन विभाग को यह पेड़ कटाने के लिए कहा जा रहा था लेकिन यह पेड़ कट जाते तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
- मान सिंह, कृष्णानगर निवासी
बेघर होने के बाद परिवार के आठ सदस्यों के साथ इनकम टैक्स के गेस्ट हाउस में रहने जा रहा हूं। फिलहाल तीन बच्चों की किताबें, पढ़ाई और कुछ जरूरत का सामान ही लेकर जा रहे हैं। प्रशासन से निवेदन है कि जल्द ही इसका समाधान निकाला जाए।
- हरवंश लाल, कृष्णानगर निवासी
घटना के समय रिज मैदान में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम देखने गया था। कृष्णानगर में किराये में कमरा लेकर रह रहा था। हादसे के बारे में पता लगने के बाद रात संजौली दोस्त के घर में बिताई। अब इस कमरे को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। नया कमरा खोज रहा हूं।
- हर्ष ठाकुर, कॉलेज छात्र
घर को खतरे में देखते हुए खाली करने के लिए कहा गया। अब पंथाघाटी में किराये में कमरा लिया है। सामान वहां शिफ्ट किया जा रहा है।
- सलोनी, कृष्णानगर निवासी
कृष्णानगर निवासी लता ने कहा कि परिवार में चार सदस्य बेघर हो गए हैं। रहने और खाने का कोई साधन नहीं है। एक बेटी पढ़ाई कर रही है और बेटा मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है। पति की मासिक आय 15 हजार है। ऐसे में कहां जाएं कुछ समझ नहीं आ रहा है।
प्रशासन ने कोई मदद नहीं की : हीना
कृष्णानगर निवासी हीना ने कहा कि हादसे के बाद रात को श्री गुरु सिंह सभा शिमला की ओर से बेघर हुए लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया गया। प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं की गई। घर असुरक्षित हैं लेकिन जोखिम में रहने को मजबूर हैं।