फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसी को 60 हजार तो किसी को एक लाख रुपये का थमा दिया पानी का बिल

Fri, 06 Sep 2019 11:48 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

शिमला जल प्रबंधन निगम के खिलाफ पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। जल प्रबंधन निगम की ओर से जारी किए जा रहे भारी भरकम बिलों से उपभोक्ता परेशान हैं। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि  इंजन घर में एक उपभोक्ता को 60 हजार और कसुम्पटी में एक उपभोक्ता को दो साल का एक लाख रुपये बिल जारी कर दिया है। 

विज्ञापन


इंजन घर वार्ड से नगर निगम की भाजपा पार्षद आरती चौहान ने कहा कि कंपनी की ओर से जारी मनमाने बिलों से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। कंपनी की मनमानी पर नगर निगम का कोई नियंत्रण नहीं है। विरोध स्वरूप अगले हाउस का बहिष्कार किया जाएगा। मशोबरा वार्ड से भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान ने कहा कि मर्ज एरिया वार्ड में जहां सीवरेज कनेक्टिविटी नहीं है वहां भी लोगों को सीवरेज सेस जोड़कर बिल जारी कर दिए हैं।

लोगों को 25-25 हजार के बिल जारी कर दिए हैं। मीटर रीडिंग के बिना ऐवरेज बिल जारी किए जा रहे हैं। कसुम्पटी वार्ड के पार्षद राकेश चौहान ने बताया कि वार्ड में एक व्यक्ति को दो साल का एकमुश्त एक लाख रुपये बिल दिया है। वार्ड में अधिकतर लोगों को एक साल से पानी के बिल नहीं दिए गए हैं। जल निगम के अफसर कहते हैं कि मीटर रीडिंग करने वाली कंपनी भाग गई है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

इसलिए फ्लैट बिल दिए जा रहे हैं। मज्याठ वार्ड से पार्षद दिवाकर देव शर्मा ने बताया कि मर्ज एरिया में लोगों को घरेलू दरों पर बिल देने की मांग हाउस में उठाई थी, बावजूद इसके फ्लैट रेट पर बिल जारी कर दिए गए हैं। कंपनी बिल जारी करने में धांधली कर रही है और पब्लिक को परेशानी में डाला जा रहा है।

न्यू शिमला फेज-3 में रहने वाले सुक्रांत सूद ने बताया कि उन्हें जल निगम ने 6 महीने का पानी बिल 25 हजार रुपये जारी किया है। पिछला 6 महीने का बिल 9000 रुपये था। मर्ज एरिया में स्लैब डबल से भी ज्यादा लगाया जा रहा है। मनमाना सरचार्ज भी वसूला जा रहा है।

कंपनी की बीओडी में उठाएंगे पानी बिलों का मुद्दा
नगर निगम के उप महापौर राकेश शर्मा ने कहा कि  इसी महीने जल प्रबंधन निगम की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग है, पानी के बिलों, मीटर रीडिंग, मर्ज एरिया स्लैब सभी मुद्दे बैठक में जोरशोर से उठाए जाएंगे।

बिल की जांच करवा सकते हैं उपभोक्ता : गुप्ता
जल प्रबंधन निगम के एजीएम विजय गुप्ता का कहना है कि अगर उपभोक्ताओं को लगता है कि उनका पानी का बिल ज्यादा आया है तो इसकी जांच करवाई जा सकता है। इतना ही नहीं उपभोक्ता का मीटर भी टेस्ट करवाया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें