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शिमला को मिला स्मार्ट सिटी का तोहफा, 15वें नंबर पर रही हिल्स क्वीन

Fri, 23 Jun 2017 12:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिल्स क्वीन शिमला को बड़ा तोहफा मिला है। केंद्र सरकार ने शिमला को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी ताजा लिस्ट में शिमला को 15वें नंबर पर रखा गया है।
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केंद्र सरकार ने शुक्रवार सुबह स्मार्ट सिटी के लिए 30 शहरों की सूची जारी की है। अब तक देश भर के 60 शहरों का इस प्रोजेक्ट के तहत चयन किया जा चुका है। इस बार कुल 40 शहरों का चयन होना था जिसके लिए 45 शहरों के आवेदन आए थे।

मगर आखिरकार 30 को ही इस सूची में शामिल किया गया है। स्मार्ट सिटी की घोषणा होते ही अब शिमला में मूलभूत सुविधाएं मजबूत करने और इसे सपनों का शहर बनाने में अहम मदद मिलेगी।
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स्मार्ट सिटी में आपको मिलेंगी ये सुविधाएं 

स्मार्ट सिटी के तहत अब शिमला शहर में यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए शहर में रोप-वे, टनल, ओवरब्रिज और मोनो रेल जैसे नए प्रोजेक्ट आएंगे जिससे लोगों को सुविधा मिलेगी।

शहरवासियों को 24 घंटे बिजली, पानी व सीवरेज, मनोरंजन, स्वास्थ्य व शिक्षा की सुविधाएं मिलेंगी। लोगों को मूलभूत सुविधाएं अच्छी क्वालिटी के आधार पर दी जाएंगी। 
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अहम रहा था पूर्व मेयर-डिप्टी मेयर का योगदान, क्रेडिट के लिए मची होड़

शिमला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट मिलने के लेकर राजनीतिक दलों में क्रेडिट लेने की होड़ शुरू हो गई है। एक दिन पहले वीरवार को नगर निगम के पूर्व मेयर संजय चौहान और डिप्टी मेयर‌ टिकेंद्र पंवर ने दावा किया था कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पिछले नगर निगम का शहर की जनता को सबसे बड़ा तोहफा होगा।

निगम चुनाव के बाद पहली बार मीडिया से रू-ब-रू हुए पूर्व मेयर, डिप्टी मेयर ने कहा था कि इस प्रोजेक्ट का शहर को मिलना या न मिलना किसी राजनीतिक पार्टी की देन नहीं होगी।  इसके लिए शहर के लाखों लोगों ने सर्वे में सहभागिता की, और 1.16 हजार लोगों ने फीड बैक देकर तो पुराने नगर निगम ने प्रोजेक्ट के लिए तय मानकों और शर्तों को पूरा किया है।

जिसमें आम जनता ने वोट देकर परिवहन व्यवस्था सुधारने, स्वच्छ पेयजल सहित कुल पांच प्राथमिकताएं गिनाई है। पिछले नगर निगम के कार्यकाल में उन्होंने प्रदेश की भाजपा और कांग्रेस पार्टी के प्रोजेक्ट मिलने के रास्ते में कई अड़ंगे अड़ाए, जिसको उन्होंने जनता के सामने लाया, आम लोगों के हित की इस लड़ाई को न्यायालय तक लड़ कर शिमला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हक दिलवाया।

इसी के बूते शिमला को स्मार्ट सिटी के लिए नामित शहरों की सूची में न केवल शामिल किया बल्कि इसके लिए दिन रात एक कर शर्तों और अनिवार्य पात्रता को पूरा करवाने का कार्य किया। वहीं अब भाजपा और कांग्रेस भी इसका श्रेय लेने के लिए तैयारी कर रही हैं।
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