प्रारंभिक जांच में रिहेबिलिटेशन सेंटर की मामले में संलिप्तता को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज एफआईआर के अनुसार मृतक संदीप कुमार उम्र करीब 50 वर्ष सेना से सेवानिवृत्त थे और उनका शहर के ही एक रिहैब सेंटर में इलाज चल रहा था। साथ ही आईजीएमसी के साइकियाट्रिक विभाग से भी उपचार चल रहा था। उनकी पत्नी कृष्णा देवी मूल निवासी गांव पनोली जोकि वर्तमान में सनी ओक अपार्टमेंट्स, जाखू, शिमला में रह रही हैं।
उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 12 नवंबर 2025 की रात करीब 12:00 बजे उनके पति घर लौटे। उनके नाक से खून बह रहा था, पैंट और हाथों पर खून के धब्बे थे। कृष्णा देवी ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे रिहैब सेंटर के स्टाफ को उन्होंने बुलाया, जोकि संदीप को ले गए। दिन में रिहैब सेंटर से सूचना मिली कि उनकी हालत बिगड़ गई है। बाद में तेंजिन अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शव को आईजीएमसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोबारा मौत की पुष्टि की।
आईजीएमसी में पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर कई जगह चोट के निशान, खरोंचें और नीले पड़ चुके घाव मिले। पत्नी का आरोप है कि घर लौटने से पहले रात में किसी अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने उनके पति पर हमला किया, जिससे ये चोटें आईं और यही मौत का कारण बनीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच इंस्पेक्टर धर्म सेन एसएचओ पुलिस थाना सदर शिमला कर रहे हैं। पुलिस अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी है। एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि पूर्व सैनिक की मौत के मामले में गैर ईरादतन हत्या का केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी गई है।