इस तरह किया जाता है ड़ेटल इंप्लांट।
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डेंटल कॉलेज शिमला में दंत प्रत्यारोपण यानी डेंटल इंप्लांट की सुविधा शुरू हो गई है। ऐसे में 80 साल के बुजुर्ग लोगों को अब खाना चबाने में आसानी होगी। अब तक डेंटल इम्प्लांट करवाने के लिए रोगियों को बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था और लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। लेकिन अब राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश भर के रोगियों को इसका सीधा लाभ होगा। अस्पताल में कई लोग दांतों को इंप्लांट करवा रहे हैं।
डेंटल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज विभिन्न बीमारियों का इलाज करवाने के लिए आते हैं। इनमें कई ऐसे रोगी भी होते हैं, जिनके दांत सड़ गए होते हैं या फिर पायरिया बीमारी से गल जाते हैं। कुछ के सड़क हादसे में आगे के दांत टूट जाते हैं। ऐसे में इन दंत रोगियों के लिए दंत प्रत्यारोपण के जरिये फिक्स दांत लगाने की सुविधा शुरू होने से लाभ मिलना शुरू हो गया है। इनमें सबसे अधिक फायदा बुजुर्ग लोगों को भी हुआ है। इससे जहां उन्हें खाना चबाने की समस्या से निजात मिली है। वहीं दंत प्रत्यारोपण के जरिये नए दांत लगाने की प्रक्रिया भी आसान हो गई है। डेंटल कॉलेज के पीरियोडोंटोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि अब तक बड़े-बड़े शहरों में यह सुविधा थी। जहां पर एक दांत लगाने के लिए 45 से 55 हजार रुपये लिए जाते थे। लेकिन अब इस कॉलेज में ही सुविधा शुरू करने से सैकड़ों रोगियों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है।
उन्होंने बताया कि कई बुजुर्ग खाना चबाने के लिए नकली दांत लगाते थे, लेकिन उनके गिरने की समस्या रहती थी। लेकिन अब डेंटल इंप्लांट के जरिये इस इलाज में एक्सरे से हड्डी की जांच होती है। उसके बाद छोटी सी सर्जरी के माध्यम से एक पेच हड्डी में प्रत्यारोपित किया जाता है। इसके कुछ समय बाद फिक्स दांत लगाए जाते हैं। मेट्रो शहर में तो पांच लाख रुपये का खर्चा आता है। लेकिन यहां एक दांत का खर्चा 15 हजार और 32 दांत इंप्लांट करवाने का खर्च दो लाख तक आएगा।
क्या होता है डेंटल इंप्लांट
प्रो. डॉ. दीपक ने बताया कि दंत प्रत्यारोपण कृत्रिम पेच जैसी संरचनाएं हैं, जो एक लापता दांत की जगह लेती हैं। डेंटल सर्जन जबड़े की हड्डी में डेंटल इंप्लांट डालता है। वह दांत के मूल हिस्से की तरह काम करता है। इसके अलावा दंत प्रत्यारोपण प्राकृतिक दांतों की दिखते हैं और कार्य करते हैं।
क्या है उद्देश्य
एक या अधिक दांत गायब होने पर दंत प्रत्यारोपण किया जाता है। दांत इन कारणों से गिर सकते है। इनमें दांतों की सड़न या कैविटी, दांत की जड़ का फ्रेक्चर, दांत में चोट और मसूड़ों के रोग होना शामिल हैं।
क्या है लाभ
- बेहतर भाषण
- बेहतर चबाने की क्षमता
- बगल के दांतों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।