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Shimla: चलौंठी में छह मंजिला मकान में पड़ी दरारें, आधी रात करवाया खाली; कड़ाके की ठंड में सड़क पर 15 परिवार

Sat, 10 Jan 2026 12:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

शुक्रवार देर रात करीब 10:00 बजे मकान में रहने वाले 15 परिवारों को कड़ाके की ठंड के बीच अचानक मकान खाली करना पड़ गया।
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11 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिमला के भट्ठाकुफर के बाद अब चलौंठी में छह मंजिला मकान में दरारें आने के बाद इसे खाली करवा दिया गया है। इसके अलावा एक होटल को भी खाली किया गया है। शनिवार सुबह ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा एडीसी दिव्यांशु सिंगल, एसडीम ग्रामीण मंजीत शर्मा भी माैके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि मकान के ठीक नीचे फोरलेन की टनल का निर्माण किया जा रहा है। इससे कारण जमीन धंस गई है। इस दाैरान मंत्री अनिरुद्ध सिंह को लोगों ने अपना दर्द बयां किया। कहा कि फोरलेन निर्माण में लापरवाही से भारी नुकसान हो रहा है। लोगों ने निर्माण कार्य को रोकने की मांग उठाई। मंत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर निर्देश दिए कि जिन मकानों में दरारें आई हैं, उनका अधिग्रहण किया जाए। सड़क पर दरारें आने की वजह से संजाैली-ढली बाईपास पर वाहनों की आवाजाही बंद है। ट्रैफिक को वाया संजौली बाजार डायवर्ट किया गया है। इसे भी वाहनों की आवाजाही के लिए देर रात ही बंद कर दिया गया है। मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है। सूचना मिलते ही  एडीएम पंकज शर्मा रात 11 बजे मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार चलौंठी बाईपास पर बना यह छह मंजिला मकान अनंतराम का है। इसमें मकान मालिक समेत कुल 15 परिवार रह रहे हैं। 

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मकान में रह रहे किराएदारों के अनुसार तीन दिन पहले अचानक मकान की दीवार पर हल्की दरारे पड़नी शुरू हुई। इस मकान के ठीक नीचे फोरलेन की टनल का निर्माण हो रहा है। लोगों ने इसकी शिकायत फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी और जिला प्रशासन को दी। कंपनी के कर्मचारी मौके पर आए और उन्होंने दरारे देखने के बाद दावा किया कि भवन को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। शुक्रवार को अचानक दीवार पर पड़ी दरारें और बढ़ गई। इसके बाद फोरलेन कंपनी के कर्मचारियों और पुलिस ने तुरंत इस मकान को खाली करने को कह दिया। रात 11:00 बजे तक मकान में रह रहे परिवार अपने बच्चों बुजुर्गों के साथ सड़क पर आ गए।
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मौके पर नहीं आए अफसर, लोगों का फूटा गुस्सा
देर रात मकान में रह रहे 15 परिवार बाहर तो आ गए लेकिन इनके ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं हुई। लोगों ने बताया कि 8 बजे से मकान खाली करने को बोल दिया गया था। लोगों के ठहरने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। हालांकि देर रात एडीएम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करवाया। उधर  रात 11:30 बजे तक 15 परिवार अपने बच्चों बुजुर्गों के साथ ढली बाईपास सड़क पर बैठे नजर आए। कुछ लोगों ने सड़क किनारे ही आग भी जला ली।लोगों का गुस्सा पुलिस और प्रशासन पर फूट पड़ा। कहा कि तीन दिन पहले इस खतरे के बारे में बता दिया था लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। कहा कि टनल निर्माण के चलते उनके मकान को खतरा पैदा हो गया है। यह काफी बड़ा रिहायशी इलाका है और कई मकान बने हुए हैं। टनल निर्माण से हो रही कंपन से अब अन्य मकानों को भी खतरा पैदा हो सकता है। 

भट्ठाकुफर में ढह चुका है पांच मंजिला मकान
इससे पहले भट्ठा कुफ़र में भी बीते साल 30 जून को पांच मंजिला मकान ढह गया था। आरोप है कि यहां फोरलेन निर्माण के लिए की गई गलत कटिंग के चलते मकान खतरे की जद में आ गया था और इससे यह ढह गया। अभी तक इस मकान का मुआवजा भी जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा भट्ठा कुफ़र बाजार की सड़क भी 22 नवंबर को धंस गई थी। यह सड़क भी टनल के ठीक ऊपर बनी है।
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इलाके में दहशत, लोग बोले हमारे घर बचा लो
चलौंठी में पहले भी जमीन धंस चुकी है। फोरलेन से सटे इलाके में बीते साल बरसात के मौसम में भी भूस्खलन और जमीन धंसने के कारण मकानों को खतरा पैदा हो गया था। अब बिना बारिश  मकान में दरारें पड़ने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि उनके मकान खतरे में हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि काम में लापरवाही को लेकर पुलिस में केस भी दर्ज करवाए है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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