शहर में पेयजल व्यवस्था संभालने वाली कंपनी में ऑनलाइन व्यवस्था के बीच एक स्कूल को ऑफ लाइन आवदेन पर सीवेज कनेक्शन देने और महिला कर्मी का अचानक तबादला करने पर विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर वरिष्ठ सहायक महिला कर्मी की शिकायत पर सीएम कार्यालय ने आरोपों में घिरे एक सहायक अभियंता के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। मामला मार्च महीने का है।
सीवेज सेक्शन में तैनात महिला वरिष्ठ सहायक ने कंपनी के सहायक अभियंता पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार नगर निगम आयुक्त के आदेशानुसार जनवरी से ही पेयजल और सीवेज कनेक्शन के ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी गई थी। लेकिन आनक तीन मार्च को टुटीकंडी के एक स्कूल को सीवेज कनेक्शन देने के लिए ऑफ लाइन आवेदन आया। वरिष्ठ सहायक ने इसे मंजूरी देने से मना कर दिया।
आयुक्त के ऑनलाइन आवेदन लेने के आदेशों का हवाला दिया। कहा कि स्कूल को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। महिला कर्मी का आरोप है कि सहायक अभियंता ने अधिकारियों के साथ मिलकर ऑफ लाइन आवेदन पर ही कनेक्शन देने का दबाव डाला। जब बात नहीं बनी तो छह मार्च को अचानक तबादला कर दिया। इसके बाद ऑफलाइन आवेदन पर ही कनेक्शन भी मंजूर कर दिया।
वरिष्ठ सहायक की जगह लगाया बेलदार
वरिष्ठ सहायक का आरोप है कि उनकी जगह एक बेलदार को तैनात कर दिया गया है जो नियमों के खिलाफ है। छह मार्च को तबादले के तुरंत बाद महिला कर्मी ने सीएम कार्यालय में शिकायत दी। इसके लिए वरिष्ठ सहायक ने सीधे तौर पर सहायक अभियंता को जिम्मेदार ठहराया। महिला कर्मी अब आईपीएच विभाग में तैनात है। उधर कंपनी का कहना है कि महिला कर्मी फाइलों को लटका रही थी। दावा किया कि अभी इसकी जगह किसी बेलदार को तैनाती नहीं दी गई है।
डेढ़ माह में देनी होगी जांच रिपोर्ट
सीएम कार्यालय से मामले की जांच की यह फ ाइल आईपीएच विभाग को भेजी गई थी। यहां से चीफ इंजीनियर ने यह फाइल पेयजल कंपनी को भेज दी है। इसमें प्रबंध निदेशक को डेढ़ माह के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
पेयजल कंपनी के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र गिल ने कहा कि महिला कर्मी का तबादला रूटीन में था। अभी तक उन्होंने अपना चार्ज भी हैंडओवर नहीं किया है। जहां तक ऑफ लाइन आवेदन की बात है तो लॉकडाउन के बीच यह सुविधा लोगों को दी थी। सहायक अभियंता के खिलाफ जांच के आदेश होने की फाइल अभी नहीं आई है।