बताया जा रहा है जहां बादल फटा, वहां ग्रामीणों ने पशुओं को घास चरने के लिए छोड़ा था। प्रभावित क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य केवल राम नेगी ने बताया कि गांव में बादल फटने से भारी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि इलाके में और बादल फटने की आशंका के चलते कई लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। नेगी ने बताया कि शुक्रवार को बादल फटने से हालांकि जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
लेकिन लोगों की जमीन बहने के साथ कुछ पशुओं के बाढ़ के पानी में बहने की सूचना है। उधर, एसडीएम घनश्याम दास ने बादल फटने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बादल फटने के बाद लोग सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।