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उपनगरों में सब्जी और फलों के नाम पर हो रही लूट, रेट लिस्ट गायब

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सब्जियों के वसूले जा रहे दोगुने रेट, मजबूरन सब्जी मंडी आकर खरीदारी करने कर रहे लोग
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दुकानों से रेट लिस्टें गायब, प्रशासन बना तमाशबीन
शिमला। कोरोना कर्फ्यू के बीच राजधानी के उपनगरों में सब्जियों और फलों की बिक्री के नाम पर शहरवासियों से जमकर लूट हो रही है। यहां सब्जी मंडी की तुलना में दोगुने रेट पर सब्जियां और फल बेचे जा रहे हैं।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को शहर के मुख्य उपनगरों में जाकर इसका जायजा लिया तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। ज्यादातर सब्जी की दुकानों से रेट लिस्टें गायब मिली। वहीं, कई विक्रेता खराब हो चुकी सब्जियां बेचते भी दिखाई दिए। दुकानों की तुलना में सड़क पर बैठे तहबाजारी सस्ती सब्जियां बेचते नजर आए। सुबह दस बजे से जैसे ही तीन घंटे की ढील शुरू हुई सब्जी की दुकानों पर ही सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली।
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शहर के बीसीएस चौक और न्यू शिमला की कई दुकानों के बाहर लाइनें लग गईं। दुकानों पर रेट लिस्ट न होने पर लोग यहां दुकानदार से ही सब्जियों के रेट पता करते नजर आए। लोगों ने रेट लिस्ट न लगे होने पर शिकायत भी की। खलीनी चौक के पास सब्जी की एक दुकान पर रेट लिस्ट तो लगी थी लेकिन इसमें सिर्फ तीन सब्जियों के दाम लिखे थे। बाकी सब्जियां और फल बिना रेट लिस्ट बेचे जा रहे थे। उपनगरों के सब्जी विक्रेता जानते हैं कि लोगों को खरीदारी के लिए तीन घंटे का समय ही मिलना है। इतने कम समय में लोग दूसरे बाजार या सब्जी मंडी नहीं जाएंगे। ऐसे में विक्रेेता अपने मनमाने रेट तय कर रहे हैं।
यहां हो रही है जमकर लूट
छोटा शिमला बाजार, पंथाघाटी, विकासनगर और कसुम्पटी के बाजारों में सब्जी की ज्यादातर दुकानों से रेट लिस्टें गायब थीं। इन दुकानों पर सब्जी मंडी की तुलना में रेट कहीं ज्यादा थे। टुटू और बालूगंज में भी यही हाल है। संजौली और ढली में सब्जियों के दाम बाकी उपनगरों से कुछ कम दिखे।
उपनगरों में अधिक दाम वसूलने
के कारण सब्जी मंडी में जमावड़ा
शिमला। उपनगरों में सब्जी विक्रेताओं की ओर से की जा रही मनमानी के कारण ही कई लोग सस्ती सब्जियां खरीदने सब्जी मंडी पहुंच रहे हैं। बसों की आवाजाही न होने के बावजूद जाखू, लक्कड़ बाजार, कृष्णानगर, बैनमोर, छोटा शिमला, खलीनी, कनलोग, कैथू और नाभा आदि से लोग पैदल मंडी आकर सब्जियां और फल खरीद रहे हैं। इससे सब्जी मंडी में भारी जमावड़ा लग रहा है।
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सब्जी मंडी पहुंची जाखू की विद्या देवी ने बताया कि उनके पड़ोस की दुकान पर फलों के रेट कहीं ज्यादा है। ऐसे में मंडी आना पड़ा है। कनलोग से आए बीरबल नेगी ने बताया कि यहां आधे रेट पर सब्जी मिल रही है। खलीनी और कनलोग में रेट दोगुने हैं।
फल और सब्जियों के रेट
सब्जी सब्जी मंडी उपनगरों के रेट
टमाटर 10 से 15 रुपये 30 से 40 रुपये प्रति किलो
आलू 15 रुपये 20 रुपये प्रति किलो
प्याज 25 रुपये 30 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च 20 रुपये 40 से 50 रुपये प्रति किलो
घीया 20 रुपये 30 से 40 रुपये प्रति किलो
भिंडी 20 रुपये 40 रुपये प्रति किलो
करेला 20 रुपये 40 रुपये प्रति किलो
खीरा 20 रुपये 30 से 40 रुपये प्रति किलो
नींबू 80 रुपये 100 से 130 रुपये प्रति किलो
केला 60 रुपये 70 से 85 रुपये दर्जन
अंगूर 80 से 100 रुपये 110 से 130 रुपये प्रति किलो
पपीता 80 रुपये 100 से 120 रुपये प्रति किलो
तरबूज 30 रुपये 40 से 50 रुपये किलो
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