त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। बाजार सज गए हैं। बाजारों की सड़कों पर तिल धरने को जगह नहीं। कई दुकानदारों ने अतिक्रमण कर बाजार की सड़कों तक सामान सजा रखा है तो कुछ ने तहबाजारियों से पैसे लेकर दुकान के सामने रेहड़ी फड़ी लगाने की अनुमति दे दी है।
इन सब पर नजर रखने वाला नगर निगम इन दिनों लापता है। शिफ्टिंग के नाम पर एमसी खुद को व्यस्त बता रहा है। भगवान न करे पर आपदा आई तो हजारों जानें संकट में पड़ जाएंगी।
लोअर बाजार में अग्निशमन की गाड़ियां तो दूर आदमी पैदल भी नहीं चल सकता। लोअर बाजार, राम बाजार में अवैध रूप से सजी इन दुकानों को हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। दुकानें सजने का यह क्रम जारी रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होगी।
लोअर बाजार की अधिकतर दुकानें पुरानी और लकड़ी से बनी हैं। आग जैसी आपदा के मद्देेनजर यह बाजार बेहद संवेदनशील है।
नगर निगम के उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा है कि लोअर बाजार में सड़क को घेर कर बैठने वाले कारोबारियों और अन्य तहबाजारियों को हटाने को कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित होगा कि बाजार की सड़क से दमकल विभाग की जीप जरूरत पर एक से दूसरे कोने तक जा सकें।