क्षेत्रीय प्रबंधक से रूट पर सही बसें भेजने की मांग
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बार-बार बस खराब होने से यात्री झेल रहे हैं परेशानी अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम की अर्की से सुबह चलने वाली अर्की-शिमला (वाया मांजू) बस के बार-बार रास्ते में खराब होने से नियमित रूप से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हरि देवी के पास मंगलवार सुबह भी इस बस में तकनीकी खराबी आ गई। किसी तरह चालक और परिचालक ने सवारियों से भरी बस को घणाहट्टी तक पहुंचाया। वहां चालक ने यात्रियों को बताया कि बस का पाइप फट गया है और अब यह आगे नहीं जा सकती। इसके बाद सभी यात्रियों को बस से उतार दिया गया। चालक और परिचालक ने कुछ यात्रियों को अन्य सरकारी बसों में बैठाकर शिमला भेजा, जबकि कई यात्रियों को निजी वाहनों से लिफ्ट लेकर या निजी बसों में सफर कर शिमला पहुंचना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि सप्ताह में दो से तीन बार इस बस में इसी तरह की तकनीकी खराबी आ जाती है। 35 किलोमीटर लंबे इस रूट पर जर्जर बसें भेजे जाने से लोगों को सुविधा के बजाय परेशानी झेलनी पड़ रही है। बस में सवार यात्रियों मनोज शर्मा, अरुण शर्मा, महेंद्र ठाकुर, सुनील थापा और संजीव शर्मा ने कहा कि यह बस प्रतिदिन सुबह पूरी तरह भरी हुई शिमला की ओर जाती है, जिससे निगम को अच्छी-खासी आय होती है। यात्रियों ने कहा कि ग्रामीण रूटों से कम आय होने की बात कहने वाले निगम को अपनी लचर परिवहन व्यवस्था और खराब रखरखाव पर भी ध्यान देना चाहिए। यात्रियों ने हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) शिमला ग्रामीण से मांग की है कि इस रूट पर भेजी जाने वाली बसों की नियमित मरम्मत और उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है यह बस
शिमला में सुबह के समय लगने वाले जाम से बचने के लिए मांजू, रंगोल, कालीहट्टी, नालहट्टी, देवधार, हरि देवी और घणाहट्टी क्षेत्रों से सरकारी तथा निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी इसी बस से सफर करते हैं ताकि वह समय पर अपने कार्यालय पहुंच सकें। सप्ताह में दो से तीन बार बस के खराब होने से इन कर्मचारियों को नियमित रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह बस शिमला आने-जाने वाले कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।