हिमाचल प्रदेश पुलिस के बहुचर्चित ऑर्केस्ट्रा के पूर्व इंचार्ज और पुलिस इंस्पेक्टर विजय कुमार को शिमला अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष अतिरिक्त न्यायाधीश शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने धोखाधड़ी और दस्तावेजों से जुड़े मामले में इंस्पेक्टर विजय कुमार की अग्रिम जमानत को पुख्ता कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने विभाग के साथ कोई धोखाधड़ी की है या कोई फर्जी दस्तावेज तैयार किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार इंस्पेक्टर विजय कुमार ने अप्रैल 2025 में लंदन (यूके) के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एक्स-इंडिया परमिशन मांगी थी। इस दौरान उन्होंने कांगड़ा जिले की अर्नी यूनिवर्सिटी का एक लेटर विभाग को सौंपा, इसमें यह दर्शाया गया था कि यूनिवर्सिटी उनकी यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाएगी। विभाग से अनुमति मिलने के बाद जब बाद में पुलिस ने मामले की जांच और सत्यापन किया तो यह पाया गया कि यूनिवर्सिटी ने कोई वित्तीय सहायता नहीं दी थी, बल्कि इंस्पेक्टर विजय कुमार और उनकी पत्नी ने लगभग 1,57,000 रुपये का खर्च अपने निजी बैंक खातों से यूपीआई के जरिये उठाया था।