हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की चौपाल तहसील के गांव क्यारना के कुलवंत सिंह पोटन का हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं(एचएएस) में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग से चयन हुआ है। भेड़पालक गुलाब सिंह पोटन और माता शांति देवी पोटन के बेटे ने क्षेत्र और माता-पिता का नाम रोशन किया है। कुलवंत सिंह पोटन ने जून 2013 से फरवरी 2019 तक यूको बैंक में मैनेजर के रूप में सेवाएं दीं। नौकरी छोड़कर एचएएस की तैयारी की और सफलता हासिल की।
कुलवंत ने कहा कि वह आज जो भी हैं, उनके पिता गुलाब सिंह पोटन, चाचा मान सिंह पोटन और भाई होमिंद्र पोटन की बदौलत हैं। बैंक की नौकरी के साथ प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। प्रशासनिक सेवा करते हुए हमेशा आमजन के लिए उपलब्ध रहेंगे। लोगों की समस्याओं को दूर करने और सरकार की योजना आमजन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। कहा कि वह पढ़ने में आम छात्र थे। कुलवंत की पांचवीं तक की पढ़ाई प्राथमिक पाठशाला चौपाल के मशराह से हुई। 10वीं हैदराबाद, 12वीं और स्नातक स्तर की शिक्षा अमृतसर से पूरी हुई है।
बता दें शनिवार शाम को राज्य लोकसेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं(एचएएस) की संयुक्त परीक्षा 2019 का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा के आधार पर नौ एचएएस, तीन बीडीओ, दो तहसीलदार, एक प्रिंसिपल/पीआरटीआई, दो डीईओ और एक एफसीएस एंड सीए चुने गए हैं। कुल 18 अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए चयन हुआ हैं। एचएएस की प्रारंभिक परीक्षा 13 सितंबर 2020 में हुई थी। एक से सात दिसंबर 2020 तक मुख्य परीक्षा का आयोजन हुआ। 15 से 20 मार्च के दौरान पर्सनेलिटी टेस्ट लिए गए।
इसके आधार पर मेरिट लिस्ट जारी की गई । सामान्य श्रेणी से अमित कलथेक, मयंक शर्मा, अर्शिया शर्मा, शिखा और आकांक्षा शर्मा का एचएएस के लिए चयन हुआ है। ओबीसी वर्ग से अभिषेक एचएएस के लिए चुने गए हैं। इनके अलावा अंशुल शांडिल बीडीओ, दीक्षित राणा डीसी/एफसीएस एंड सीए, अक्षय शर्मा डीईओ, अनुसूचित जनजाति वर्ग से ओशिन एचएएस, विवेक गुलेरिया बीडीओ, प्रियंका बीडीओ, उमेश प्रिंसिपल/पीआरटीआई, मोहित रतन अनुसूचित जाति वर्ग से एचएएस, अंशुल कुमार डीईओ, शिखा तहसीलदार और आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग से कर्म चंद तहसीलदार के पद के लिए चुने गए हैं।