ज्वालामुखी मंदिर में पूरे दिन में 5 बार आरती होगी। सुबह 5 से ब्रह्म मुहूर्त में पहली आरती होगी। इसमें मालपुआ, खोआ, मिसरी का भोग लगेगा। एक घंटे बाद दूसरी आरती होगी। इसमें पीले चावल और दही का भोग लगेगा। तीसरी आरती दोपहर 12 बजे होगी। इसमें चावल, छह मिश्रित दालों और मिठाई का भोग लगेगा। चौथी आरती सायंकाल 7 बजे होगी।
इसमें पूरी, चना और हलवे का भोग लगेगा। रात 9:30 बजे शयन आरती होगी। चामुंडा मंदिर में तीन पहर की आरती होगी। पहली आरती सुबह 8 बजे, दूसरी शाम 4 बजे और तीसरी आरती शाम 6 बजे होगी। सुबह की आरती में मां को हलवे और चने का भोग लगेगा। दोपहर 12 बजे खीर, चावल, सब्जियों का भोग और शाम को आरती के उपरांत पूरी और सब्जियों का भोग लगेगा। बज्रेश्वरी मंदिर में आरती सुबह साढ़े छह और शाम सात बजे होगी।
आरती में मां को पूरी और चने का भोग लगेगा। चिंतपूर्णी मंदिर में सुबह पांच बजे पूजा, आरती, स्नान, भोग और कंजक पूजन होगा। दोपहर 12 से 12:30 बजे माता को भोग लगेगा। सायं 7 बजे पूजा, स्नान, भोग, आरती और कंजक पूजन होगा। मां नयना देवी की चार बार आरती होगी।
नवरात्र पर हिमाचल पथ परिवहन निगम शक्तिपीठों के लिए ऑन डिमांड बसें चलाएगा। इसके लिए लोगों को परिवहन निगम की ऑनलाइन साइट पर आवेदन करना होगा। हालांकि, परिवहन निगम ने बाहरी राज्यों के लिए बस सेवा शुरू की है, लेकिन अगर कोई ग्रुप शक्तिपीठों में देवी-देवताओं के दर्शन के लिए जाना चाहता है तो इसके लिए परिवहन निगम ने बसें आरक्षित रखी हैं। हिमाचल से बाहरी राज्यों के लिए 150 रूट बहाल किए हैं।
इन बसों में 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी चल रही है। परिवहन निगम अभी दिल्ली के बसें चलाने के मूड में नहीं है। दिल्ली में कोरोना ने विकराल रूप धारण किया है, ऐसे में लोगों को बस सेवा के लिए इंतजार करना पड़ेगा। डीएम ट्रैफिक पंकज सिंघल ने बताया कि हिमाचल से बाहरी राज्यों के लिए बसें चलाई गई हैं। सभी रूटों पर 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी चल रही है। ऑन डिमांड शक्तिपीठों के लिए बसें चलाई जानी हैं।