51 क्विंटल फूलों से सज रहा मां का दरबार
नवरात्र के मद्देनजर मंदिर परिसर को 51 क्विंटल देशी-विदेशी और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जा रहा है। पंजाब सहित बाहरी राज्यों से आए कारीगर दिन-रात मंदिर को फूलों और आकर्षक रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने में जुटे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को मां ज्वाला की ज्योतियों के लाइव दर्शन करवाने के लिए एलईडी की व्यवस्था भी की गई है। नवरात्र मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए 250 पुलिस जवान और 75 होमगार्ड तैनात रहेंगे। पूरे शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया है। मंदिर और शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे 80 सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
तीन समय का लंगर, स्वास्थ्य शिविर की भी व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में सुबह नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात के खाने सहित तीन समय लंगर की व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। दर्शन के लिए कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए भी अलग से प्रबंध किए गए हैं। मंदिर में 75 अतिरिक्त मेला सेवादार और शहर के विभिन्न रास्तों पर 70 सफाई कर्मचारी तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं को कांगड़ी धाम का स्वाद चखने और हिमाचली संस्कृति से रूबरू होने का अवसर भी मिलेगा।
यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। नादौन, कांगड़ा और देहरा मार्ग पर पुलिस की अस्थायी चौकियां स्थापित रहेंगी। मुख्य मंदिर मार्ग नंबर एक वाहनों के लिए बंद रहेगा। सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर प्रतिबंध रहेगा और श्रद्धालुओं के लिए चिह्नित स्थानों तथा शहर के बाहर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। शहर में सूचना प्रसारण के लिए लाउडस्पीकर भी लगाए गए हैं।
एक एंबुलेंस मंदिर की सीढ़ियों पर खड़ी रहेगी
आपातकालीन स्तिथि में और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक एंबुलेंस मंदिर की सीढ़ियों पर खड़ी रहेगी। नवरात्र के दौरान मंदिर के गर्भगृह में नारियल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। ढोल-नगाड़ों, विस्फोटक पदार्थों और आग्नेय शस्त्रों पर भी पाबंदी रहेगी। भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के साथ असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। मां ज्वाला की विधिवत पूजा-अर्चना और भोग-प्रसाद निर्धारित समय के अनुसार लगाया जाएगा।