शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर(फाइल)
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हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में 26 सितंबर से चार अक्तूबर तक होने वाले शारदीय नवरात्र मेलों के दौरान मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा 50 होमगार्ड कर्मियों के कंधों पर होगा। तैयारियों को लेकर मंदिर न्यास की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को हुई। एसडीएम मनोज ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्थानीय विधायक रमेश धवाला ने विशेष रूप से शिरकत की। एसडीएम ने बताया कि नवरात्रों का विधिवत पूजा-अर्चना व झंडा रस्म के साथ शुभारंभ होगा। ज्वालामुखी मंदिर में नौ दिनों तक चलने वाले मेलों के दौरान इस बार 100 अतिरिक्त अस्थायी कर्मी तैनात रहेंगे, जिसमें 50 कर्मी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करेंगे और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखेंगे। 50 अतिरिक्त सफाई कर्मी शहर की सफाई व्यवस्था संभालेंगे। इस दौरान नगर परिषद, मंदिर अधिकारी, व्यापार मंडल, धर्मशालाओं के संचालक, पुलिस विभाग व मंदिर न्यास सदस्य मौजूद रहे।
70 सीसीटीवी कैमरे रखेंगे चप्पे-चप्पे पर नजर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व असामाजिक तत्वों को पकड़ने के मद्देनजर 70 सीसीटीवी कैमरों के जरिये कंट्रोल रूम से चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी। शहर में कई जगह वैकल्पिक कैमरे लगाए जाएंगे। हर श्रद्धालु को मैटल डिटेक्टर से चेकिंग के बाद ही दर्शनों को भेजा जाएगा। शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया है। चिह्नित स्थानों और शहर के बाहर पार्किंग की सुविधा रहेगी। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। वहीं नादौन, कांगड़ा, देहरा मार्ग पर पुलिस की अस्थायी चौकियां रहेंगी।
ढोल नगाड़ों, विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय शस्त्रों पर प्रतिबंध
नवरात्रों के दौरान ढोल नगाड़ों, विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय शस्त्रों सहित भिक्षावृति पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर के गर्भ गृह में नारियल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा दिव्यांगों के दर्शनों के लिए व्हील चेयर का प्रावधान रहेगा। वहीं ज्योतियों के लाइव दर्शन शहर व मंदिर में लगी एलईडी पर लगातार होता रहेगा।