भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती
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कसौली में हुए खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के समर्थन के बाद अब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती विरोध में उतर आए हैं। सत्ती ने कहा है कि हिमाचल खासकर कसौली को देश विरोधी प्रचार का केंद्र नहीं बनने देंगे।
अभी हाल ही में लिटफेस्ट में एकत्र हुए कुछ बुद्धिजीवियों ने जम्मू-कश्मीर को लेकर देश विरोधी बातें कही हैं। इसमें अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने को कश्मीरियों के हितों के विरुद्ध बताया गया था।
शांता कुमार ने लिटफेस्ट में हुई चर्चा के समर्थन में बयान दिया था। हालांकि बाद में जब हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया तो उन्होंने सफाई दी थी कि उनके कहने का अभिप्राय वैसा नहीं था, जैसा इसे समझा गया।
गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष सत्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए हटाना देश और जम्मू-कश्मीर के हित में है। यह कदम कश्मीर के विकास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है, लेकिन दुखद यह है कि देश के जाने-माने तथाकथित बुद्धिजीवियों को यह कदम अच्छा नहीं लग रहा।
उन्होंने कहा कि विचारों की स्वतंत्रता हमें अपने संविधान में मिली है और समय-समय पर विचारों की स्वतंत्रता देश के विकास और देश के कल्याण के लिए होनी चाहिए न कि देश विरोधी प्रचार के लिए। सत्ती ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुुमार के वक्तव्य को तोड़मरोड़ कर पेश किया है।
उनकी प्रतिक्रिया में कुछ संगठनों ने उनका विरोध और पुतला फूंकने जैसी कार्रवाई की है, यह उचित नहीं है। सत्ती ने कहा कि कसौली लिटफेस्ट में कुछ उन लोगों के भी शामिल होने की सूचना है, जो समय-समय पर अवार्ड वापसी गैंग और भारत तेरे टुकड़े होंगे कहने वाली गैंग के समर्थक रहे हैं।