वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने गरीबी और बढ़ती आबादी को देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती करार दिया है। दोनों की समस्याएं बेरोजगारी को बढ़ाने का भी काम कर रही हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि इन दोनों समस्याओं को लेकर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार पत्र लिख चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि दोनों ज्वलंत समस्याओं पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार और धरातल पर कुछ प्रयास करेगी।
शांता ने कहा कि लगातार बढ़ती आबादी की समस्या कई क्षेत्रों में बर्बादी का कारण बनती जा रही है। गरीबी की मजबूरी में गरीब प्रदेशों की बेटियां बेची और खरीदी जाती हैं। विदेशों में भी भेजी जाती हैं।
ताजा मामला ऊना जिले में सामने आया है जहां पर एक असम की एक युवती को मानव तस्करी और देह व्यापार के दलदल में धकेला गया है। शांता ने कहा कि देश की आबादी तेजी से बढ़ रही है।
जिसे रोका न गया तो यह पूरी व्यवस्था के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय 34 करोड़ की आबादी वाला देश आज 141 करोड़ की जनसंख्या तक पहुंच गया है। संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है जिससे अपराध भी निरंकुश हो रहा है।