नशे के जाल में फंसते जा रहे युवाओं को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार ने चिंता जताई है। कहा कि आने वाले दिनों में ठोस कदम नहीं उठाया तो पंजाब के बाद यह प्रदेश में भी अपना जाल फैला देगा। पंजाब पूरी तरह नशा संकट ग्रस्त हो गया है।
लिहाजा, सरकार को इसके लिए विपक्ष, बुद्धिजीवी वर्ग और शिक्षकों से मिलकर गंभीरता से काम करना होगा। सांसद शांता ने कहा कि सरकार, प्रदेश के बुद्धिजीवी और शिक्षक इस समस्या पर गंभीरता से विचार करें।
सरकार विपक्ष समेत सभी से सलाह कर जल्द इस संकट से निपटने को एक कार्य योजना बनाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी स्कूलों में योग और नैतिक शिक्षा को अनिवार्य बनाना होगा। हिमाचल के गांवों तक में नशे का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
साथ ही युवकों में मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग का भी एक नया नशा पैदा हो गया है। अधिक जनसंख्या के कारण बेरोजगारी भी बढ़ रही है। युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
सभी छात्रों के संबंध में उनके व्यवहार, घर में मोबाइल के प्रयोग और जीवनशैली के बारे में अभिभावकों की रिपोर्ट ली जाए। इसके आधार पर मूल्यांकन किया जाए। इसके अतिरिक्त योग और नैतिक शिक्षा की लिखित परीक्षा हो।
इस विषय में छात्र का उत्तीर्ण होना अनिवार्य बनाया जाए। शांता ने प्रबुद्ध वर्ग से अपील की है कि इस विषय पर सभी गंभीरता विचार-विमर्श करें। सरकार को अपने सुझाव दें। सरकार उचित समझे तो कुछ विद्वानों की एक समिति बनाए।