पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि वह इस मामले में सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि देश के लिए 40 प्रतिशत दवाइयों का उत्पादन हिमाचल में होता है।
प्रदेश में दवा उद्योग में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि जब तक ऐसे मामलों में सख्त सजा नहीं होती है। तब तक यह भ्रष्टाचार चलता रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि वह इस मामले में सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि देश के लिए 40 प्रतिशत दवाइयों का उत्पादन हिमाचल में होता है। प्रदेश में बल्क ड्रक पार्क और मेडिकल डिवाइस स्थापित किए जा रहे हैं।
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दोनों योजनाओं से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि कुछ दवा निर्माता हिमाचल की छवि बिगाड़ रहे हैं। पिछले छह महीने में पूरे देश की 292 दवाइयों के सैंपल फैल हुए। इनमें 93 दवाइयां हिमाचल प्रदेश की हैं। प्रदेश में 22 उद्योग ऐसे हैं, जिनकी दवाइयों के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं। लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है और कुछ दिन बाद फिर से दे दिया जाता है। किसी अपराधी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की जाती है।