पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि भारत की जड़ों सेे कटने के कारण कांग्रेस धीरे-धीरे आत्महत्या के कगार पर पहुंच रही है। यह देश का दुर्भाग्य है कि गांधी और नेहरू की कांग्रेस जो इस समय भारत की राजनीति में अकेली पूरे देश की पार्टी है, वह समाप्त होती जा रही है। लोकसभा चुनाव निकट आ रहा है कांग्रेस से बहुत से बड़े नेता बाकी पार्टियों में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जीवन भर राम राज्य का प्रचार करते रहे और रघुपति राघव राजा राम के भजन गाते रहे।
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अंतिम सांस लेते समय भी उनके मुंह से राम का नाम निकला, लेकिन उन्हीं का नाम लेकर राजनीति करने वाली कांग्रेस ने एक अदालत में जाकर लिखित बयान तक दिया कि राम केवल काल्पनिक हैं, फर्जी हैं, इतिहास में कभी हुए ही नहीं। उन्होंने कहा कि कलकी धाम के पीठाधीश आचार्य प्रबोध कृष्णन कांग्रेस के नेता थे, लेकिन वह कांग्रेस की राम विरोधी नीति के विरुद्ध थे और राम भक्त थे। इसीलिए कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया।
उन्होंने एक बयान में कहा कि जो राम का निमंत्रण ठुकराते हैं, उस कांग्रेस को भारत में राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है। इस समय भारत की राजनीति में भाजपा के बाद केवल कांग्रेस ही सारे देश की पार्टी है। बाकी किसी एक प्रदेश की या एक परिवार की पार्टियां हैं। भारत जैसे बड़े देश में एक परिवार या एक प्रदेश की पार्टी पूरे देश की पार्टी नही बन सकती है। परिणाम यह है कि भारत का लोकतंत्र विपक्ष विहीन होता जा रहा है। यह भारत के भविष्य के लिए लाभदायक नहीं है। 2024 के लोक सभा चुनाव में टूटता लंगड़ाता विपक्ष होगा। पूरे देश में भाजपा को कोई चुनौती नहीं होगी।