शानन विद्युत परियोजना के मालिकाना अधिकार की हिमाचल और पंजाब सरकार में चल रही कानूनी लड़ाई के बीच अब एक सदी पुरानी इस परियोजना के कायाकल्प की तैयारी है। इसके लिए बाकायदा परियोजना का पंजाब विद्युत पावर कॉरपोरशन (पीएसपीसीएल) रेजीड्यूल लाइफ असेसमेंट (अवशिष्ट जीवन मूल्यांकन) करवा रहा है। इसके तहत परियोजना की मशीनरी से लेकर सिविल ढांचे की मौजूदा हालत व लाइफ बताई जाएगी। इसके लिए एक टीम जोगिंद्रनगर पहुंची और यहां लोकेशन देखी है।भारत सरकार के संस्थान मेकॉन लिमिटेड के तीन सदस्य जेके सिंह, अभिजीत व कमलेश कुमार करीब 100 साल पुरानी शानन परियोजना के मूल्यांकन को लेकर जोगिंद्रनगर पहुंचे। टीम ने फिलहाल लोकेशन देखी है और परियोजना अधिकारियों से बैठक कर विभिन्न तरह की जानकारियां ली हैं।
आने वाले दिनों में अलग-अलग सिविल, इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल विंग से जुड़े 20 से 25 सदस्य शानन पहुंचेंगे। यह टीम लगभग 100 साल पुरानी विद्युत उत्पादन की मशीनरी समेत अन्य संसाधनों का भी मूल्यांकन करेगी। पैन स्टॉक, मशीनरी, सिविल ढांचे, टनल, भवनों को विस्तार से जांचा जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट की खस्ताहाल हो चुकी मशीनरियों समेत सिविल ढांचे को बदलने और इनसे जुड़ी रिपेार्ट पेश करेगी। मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर पीएसपीसीएल आगे बढ़ेगी।शानन प्रोजेक्ट को अपने अधीन रखने के लिए पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड गंभीर हो गया है। जबकि हिमाचल सरकार इसे अपने अधीन लेने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटा चुका है। बता दें कि मौजूदा समय में शानन परियोजना के भवन, आवासीय परिसर की हालत खस्ता है। जबकि मशीनरी की हालत टीम की रिपोर्ट से साफ होंगी।
खत्म हो चुकी है 99 साल की लीज
शानन प्रोजेक्ट की पंजाब के साथ 99 साल की लीज अवधि मार्च 2024 में खत्म हो चुकी है। इसे अब हिमाचल सरकार अपने अधीन लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पहुंची है। इसी बीच शानन परियोजना के कायाकल्प को लेकर पंजाब राज्य सरकार की बढ़ती दिलचस्पी भी हिमाचल सरकार के लिए नई चुनौती से कम नहीं है। साल 1924 की इस महत्वाकांक्षी विद्युत परियोजना में 1932 में विद्युत उत्पादन शुरू हो गया था। मौजूदा समय में 110 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता वाली परियोजना पंजाब राज्य सरकार के अधीन है।
पूरे प्लांट का रेजीड्यूल लाइफ एसेसमेंट के लिए एक टीम जोगिंद्रनगर पहुंची है। पावर हाउस की मशीनरी व परियोजना के आधारभूत ढांचे को लेकर मूल्यांकन किया जाएगा। इस संबंध में पीएसपीसीएल को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
-सतीश कुमार, आरई, शानन विद्युत परियोजना।