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शानन विद्युत परियोजना: एशिया की पहली हेरिटेज ट्रॉली के रोमांचक सफर पर लगी रोक, जानें पूरा मामला

Sat, 16 Sep 2023 10:13 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी)

सार

शानन विद्युत परियोजना प्रबंधन ने अंग्रेजों की ओर से निर्मित ट्रॉली के आधारभूत ढांचे में बदलाव करने को लेकर पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए रोमांच का सफर नहीं होगा। 
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हेरिटेज ट्रॉली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एशिया की सबसे पहली रोपवे पर दौड़ने वाली हेरिटेज ट्रॉली पर रोमांच के सफर को लेकर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी गई है। शानन विद्युत परियोजना प्रबंधन ने अंग्रेजों की ओर से निर्मित ट्रॉली के आधारभूत ढांचे में बदलाव करने को लेकर पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए रोमांच का सफर नहीं होगा। 96 साल बाद हेरिटेज ट्रॉली को नए स्वरूप दिलाने के लिए लाखों रुपये की धनराशि खर्च की जा रही है। लोहे और लकड़ी की बनी ट्रॉली को मेट्रो ट्रेन की तरह विकसित करने की पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। लाखों रुपये की धनराशि ट्रॉली को नया स्वरूप देने पर खर्च की जाएगी। अनुभवी कारीगर ट्रॉली के आधारभूत ढांचे की मरम्मत करेंगे।

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हॉलेज रोप-वे के जीर्णोद्धार पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 16 सौ मीटर स्टील रोप-वे को भी बदला जा चुका है, ताकि रोमांच का सफर और भी सुरक्षित हो सके। शानन परियोजना में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता आदित्य ने बताया कि बफर जोन से 18 नंबर तक करीब डेढ़ किलोमीटर हाॅलेज रोप-वे पर स्टील रोप को बदलने और अन्य मरम्मत कार्य के चलते ट्रॉली की आवाजाही पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए फिलहाल उपलब्ध नहीं होगी। पेन स्टॉक की निगरानी के लिए ट्रॉली में परियोजना के कर्मचारी आपात समय में आवागमन कर सकेंगे।

हेरिटेज ट्रॉली के नए आधारभूत ढांचे को मेट्रो की लुक दी जा रही है। नए ट्रॉली में करीब 15 से 20 लोग एकसाथ सफर कर सकेंगे। इसका लाभ पर्यटकों को भी मिलेगा। बफर जोन से वींचकैंप तक करीब चार किलोमीटर के ट्रैक को 2250 नए स्लीपरों से चकाचक कर लिया है। ट्रॉली और ट्रैक का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही आम लोगों का रोमांच का सफर हेरिटेज ट्रॉली में शुरू होगा।- राजेश कुमार, एसई, शानन परियोजना


प्रबंधन ने बरोट तक हेरिटेज ट्रॉली चलाने पर भरी हामी
शानन में 1926 में स्थापित की गई हेरिटेज ट्रॉली को बरोट तक चलाने पर भी परियोजना प्रबंधन ने हामी भरी है। बरोट के खस्ताहाल ट्रैक को चुस्त-दुरुस्त कर ट्रॉली बरोट तक पहुंचाने पर भी मंथन शुरू हो गया है। बता दें कि काउंटर वेट टेक्नोलाॅजी से उस दौरान 110 शानन पावर हाउस के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भारी भरकम मशीनरी को बरोट स्थित रेजर वायर पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था। इस समय में परियोजना के पैन स्टाॅक, पाइप लाइन की देख-रेख और मरम्मत के लिए हेरिटेज ट्राॅली को परियोजना के कर्मचारियों के लिए प्रयोग किया जाता है।

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