एडवाइजरी काउंसिल और अनुशासन समिति लेगी फैसला
संजौली कॉलेज के बाहर पिछले तीन दिनों से निष्कासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन चल रहा है। अब इस मामले पर फैसला होने की उम्मीद जगी है। कॉलेज प्राचार्य डाॅ. भारती भागड़ा ने स्पष्ट किया है कि काउंसिल और अनुशासन समिति के सदस्य वरिष्ठ शिक्षक ही कॉलेज और छात्रों के माहौल के साथ सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर फैसला लेगी। इसके लिए बैठकें कब होंगी, इसकी कोई तय समय सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मर्यादा न भूलें, अपनी गलती को महसूस करें। उन्होंने कहा कि इन छात्रों को चार बार लिखित में उनके व्यवहार को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, बावजूद इसके उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। मजबूरन कॉलेज प्रशासन को अन्य साढ़े तीन हजार छात्र छात्राओं के भविष्य की चिंता करते हुए निष्कासन का फैसला लेना पड़ा।
कॉलेज प्रशासन तनावपूर्ण बना रहा माहौल : एसएफआई
प्रदर्शन के दौरान शिमला जिला सचिव कमल शर्मा ने कहा कि प्रशासन कैंपस के माहौल को शांत करवाने की बजाय और तनाव पैदा कर रहा है। कक्षाओं में छात्रों पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें प्रदर्शन में जाने से रोका जा रहा है। सात छात्राओं को प्रदर्शन में न जाने की चेतावनी दी गई, उनसे साइन करवाए गए।