लाइब्रेरी में पुस्तकें और फर्नीचर मुहैया करवाने की मांग
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परीक्षा प्रणाली में सुधार करने का किया आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की एसएफआई इकाई ने शुक्रवार को विवि परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसमें पुस्तकालय में नई पुस्तकें, फर्नीचर और सेंट्रल हीटिंग सिस्टम स्थापित करने का आग्रह किया।
एसएफआई ने विवि के ईआरपी सिस्टम की खामियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का आग्रह किया। छात्र नेताओं ने कहा कि विवि की परीक्षा प्रणाली को ऑनलाइन किए जाने पर अब तक 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन ईआरपी में तकनीकी खामियां आ रही हैं। इन खामियों का सीधा असर छात्रों के परीक्षा परिणाम पर पड़ रहा है जिससे उनके भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है। आज विश्वविद्यालय को बने हुए 55 साल से ज्यादा समय हो गया है लेकिन छात्र अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए लड़ रहा है।
इकाई अध्यक्ष संतोष, सचिव सन्नी सिक्टा और सह सचिव भानू ने कहा कि विवि प्रशासन लगातार शैक्षणिक भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। विवि में चहेतों को गैर संवैधानिक तरीके से भर्ती किया जा रहा है। छात्रावासों, लाइब्रेरी के गेट 8 बजे बंद कर दिए जाते हैं जिससे छात्रों को मजबूरी में शहर में खुल रही निजी लाइब्रेरी में फीस देकर बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ रही है। उन्होंने छात्रावासों को खुला रखने की समय सीमा बढ़ाने, लाइब्रेरी को 24 घंटे के लिए खुला रखने की मांग की। इसके साथ पुस्तकालय में सेंट्रल हीटिंग सिस्टम स्थापित करने का आग्रह भी किया। भानू ने कहा कि विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में विश्वविद्यालय के सभी छात्रों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। छात्रों की मांग और आवश्यकता के अनुसार पुस्तकालय का विस्तार किया जाए। विवि में निजी कैफे की जगह स्टडी रूम खोले जाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने पुस्तकालय में नए एडिशन की किताबें मुहैया करवाने और छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए नए सत्र में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया।