एचपीयू के छात्रावासों में छात्राओं के छोटे कपड़े न पहनने के फरमान के विरोध में शनिवार को एसएफआई की विवि इकाई ने प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्राओं ने घूंघट निकालकर विवि प्रशासन के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई।
एसएफआई की छात्र उपसमिति ने कहा कि विवि प्रशासन के यह तुगलकी आदेश बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उपसमिति की सचिव सपना ने कहा कि हाल ही में हॉस्टल वार्डन ने आदेश जारी किए हैं कि छात्राएं शाम को आठ बजे के बाद कॉमन रूम और मैस में अपनी मर्जी के कपड़े नहीं पहन सकती हैं।
इससे ऐसा प्रतीत होता है कि पहनने से मनाही करने से जैसे छात्राएं कैद में बंद हैं। विवि प्रशासन गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों को शाम को आठ बजे के बाद छात्रावास में बंद कर देता था। इन्हें दूसरे छात्रावासों में भी नहीं जाने दिया जाता था।
अब इरावती गर्ल्स हॉस्टल में वार्डन ने लड़कियों को सेंसिबल क्लोथ्स के नाम पर छात्रावास में छोटे कपड़े पहनने के लिए मना कर दिया है। इसका एसएफआई विरोध करती है। छोटे कपड़े पहनने पर रोक के विरोध में छात्राओं ने कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा।
साथ ही मांग की कि जिन लड़कियों को छात्रावास नहीं मिला है, उन्हें गेस्ट के रूप में हॉस्टल में परमानेंट रहने दिया जाए। एसएफआई की विवि इकाई ने चेतावनी दी है कि अगर छात्रावास में रह रहीं छात्राओं की मांगों को नहीं माना गया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।