एसएफआई ने विवि प्रशासन को घेरा, पूछा एक मजदूर का बच्चा कहां से लाएगा दो हजार रुपये
क्रॉसर
तमाशबीन बनकर बेरोजगारों को लुटता देख रही सरकार
12 सौ से 2000 तक तय कर रखी है आवेदन फीस
आवेदन फीस वापस न ली तो छेड़ दिया जाएगा आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के भरे जाने वाले 274 पदों के लिए तय की आवेदन फीस का विरोध शुरू हो गया है। प्रदेश में यह पहली बार है जब किसी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन फीस दो हजार रुपये तक वसूली जा रही हो।
एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) और डीवाई एफआई (डेमोक्रेटिक यूथ फे डरेशन आफ इंडिया) ने बेरोजगारों से आवेदन के नाम पर वसूली जाने वाली इस भारी भरकम फीस का कड़ा विरोध किया है। कहा कि यह सरेआम लूट है। प्रदेश सरकार तमाशबीन बनकर बेरोजगारों को लुटता देख रही है। बुधवार को इन दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विवि के गेट पर इस फीस को कम किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
भारत की जनवादी नौजवान सभा शिमला शहरी इकाई के सचिव अमित ने कहा कि प्रदेश में एक ओर जहां बेरोजगारी चरम सीमा पर है, वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय रोजगार के सपने दिखाकर पदों को दोबारा विज्ञापित कर फीस के नाम पर युवाओं को लूट रहा है। इसमें सामान्य वर्ग से बी श्रेणी के पदों के लिए दो हजार जबकि सी और डी श्रेणी के पदों के लिए बारह सौ रुपये की फीस वसूली जा रही है।
यही नहीं प्रदेश विश्वविद्यालय महिला अभ्यर्थियों को भी फीस में किसी तरह की राहत नहीं दे रहा। प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए आवेदन फीस खत्म कर दी है। इससे पूर्व हिमाचल प्रदेश विवि ने पंचायत सचिव के पदों के लिए आयोजित की लिखित परीक्षा के लिए भी भारी भरकम आवेदन फीस वसूली थी। प्रदर्शन के बाद भारत की जनवादी नौजवान सभा और एसएफआई के प्रतिनिधियों ने विवि प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया। एसएफआई के विवि इकाई अध्यक्ष रॉकी और सचिव विवेक राज की अगुवाई में दोनों संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने विवि के अधिकारियों से फीस को कम करने की मांग की। कहा कि फीस कम नहीं की तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
पहले ही आ चुके हैं 50 हजार
आवेदन, फिर लूट का प्रयास
भारत की जनवादी नौजवान सभा की शिमला शहरी इकाई के सचिव अमित ने कहा कि विवि प्रशासन इन 274 पदों पर समय से भर्ती करवाने में नाकाम रहा है। अब दोबारा से उन्हीं पदों को विज्ञापित कर फीस के नाम पर करोड़ों की राशि जुटाने का प्रयास कर रहा है। विभिन्न श्रेणी के 2020 में विज्ञापित किए 274 पदों के लिए 40 से 50 हजार फार्म पहले ही जमा हो चुके हैं। इससे विवि ने करोड़ों की आवेदन फीस इकट्ठा कर ली है। अब दोबारा से इन पदों को विज्ञापित कर युवाओं को लूटकर विवि का खजाना भरने का प्रयास किया जा रहा है। विवि प्रशासन ने पंचायत सचिव की परीक्षा करवाने में भी एक साल का समय लगा दिया था। अब परीक्षा हुई है तो परिणाम घोषित नहीं हो सका।