देशभर में हिमाचल और केरल प्रदेश का लिंग अनुपात सबसे बेहतर पाया गया है। इसका खुलासा नीति आयोग ने देश की पहली एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) सूचकांक रिपोर्ट में किया है। हिमाचल और केरल में एक बराबर लिंग अनुपात होने पर देश में पहला स्थान हासिल किया है।
दोनों प्रदेशों में 1000 लड़कों पर 917 लड़कियां पाई गई हैं। यह रिपोर्ट पिछले एक साल की है, जिसमें शून्य से लेकर छह साल तक की बच्चों के लिंग अनुपात का आकलन किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि लिंग अनुपात की रिपोर्ट में हिमाचल देश में बेहतर है। बावजूद इसके लिंग अनुपात को तय मानकों तक पहुंचाने के लिए लोगों का जागरूक किया जाएगा।
बेशक हिमाचल और केरल का लिंग अनुपात देश में सबसे बेहतर हो, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य के तय मानकों से काफी दूर है। एसडीजी के तय मानकों में 1000 लड़कों पर 965 लड़कियां होना जरूरी है। इस लक्ष्य से हिमाचल और केरल भी दूर हैं।