दिल में अगर कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। हुनर उम्र और पैसे का मोहताज नहीं होता। बिलासपुर के उपमंडल स्वारघाट की ग्राम पंचायत टाली जकातखाना के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश चंद ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। बुजुर्ग ने घर में पड़े एक पुराने स्कूटर का इंजन और कुछ दूसरे हिस्सों का प्रयोग करके खेतों में बुआई करने के लिए एक आधुनिक हल का निर्माण कर दिया। यह कृषि टिलर की तरह ही काम करेगा।
जगदीश पेशे से वेल्डर हैं। कड़ी मेहनत से उन्होंने इसे तैयार किया है। उन्होंने बताया कि एक दिन बैठे बैठे यूं ही यू ट्यूब पर एक वीडियो देखा। उस वीडियो में उन्हें कुछ नया दिखा और उसी की प्रेरणा से अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन करने की मन में ठान ली। कुछ दिन इस प्रोजेक्ट पर काम किया। मेहनत रंग लाई और घर में पड़े पुराने स्कूटर के इंजन के साथ घर में पड़े पुराने सामान से कुछ और कलपुर्जे निकाले और रचनात्मक कला का प्रदर्शन लोगों के सामने प्रस्तुत कर दिया।
यह आधुनिक हल कृषि टिलर की तरह है। उन्होंने बताया कि अभी इस यंत्र में कुछ कमियां नजर आ रही हैं। जिन्हें दूर कर इसे चलाना और आसान कर दिया जाएगा। ऐसे क्षेत्र जहां पर ट्रैक्टर की सुविधा नहीं है वहां यह हल अति उपयोगी साबित होगा। जगदीश आज भी अपनी वर्कशाप में रोजाना 7 से 8 घंटे काम करते हैं।