बुधवार को पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी देहरा संदीप धवल ने कहा कि 29 जून 2026 को गांव मौआं, तहसील रक्कड़ निवासी अविनाश पुत्र देशराज ने थाना रक्कड़ में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसके करीब 4 से 4.5 किलोग्राम सोने, चांदी और हीरे के आभूषण, 2.5 करोड़ रुपये की नकदी, पासपोर्ट और जमीन के दस्तावेज उसके रिश्तेदारों ने बेईमानी की नीयत से छिपा दिए हैं। शिकायतकर्ता पहले दुबई में साल 2013 से 2025 तक काम करता था। इस दौरान उसने सारे आभूषण और नकदी अपने ससुराल में रखे थे। उसने विश्वास करके सारी संपत्ति वहीं रखी थी लेकिन ससुराल वालों ने इसको आगे अपने रिश्तेदारों को दे दी।
शिकायतकर्ता ने किसी जमीनी सौदे के बाद अपनी नकदी और आभूषण आदि संपत्ति मांगी तो उन्होंने बहानेबाजी शुरू कर दी। इसमें उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के एक केस मामले में पूछताछ के दौरान गुजरात पुलिस आई थी और सारी नकदी और आभूषण जब्त करके ले गई है। उसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि घटना की शिकायत करीब तीन माह बाद दी गई थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्वालामुखी आरपी जसवाल की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम गठित की गई।
टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहली जुलाई 2026 को रिश्तेदार के राजकुमार और तृप्ता देवी निवासी निहारी, तहसील रक्कड़ और राजकुमारी और प्रतीक्षा शर्मा निवासी कटोह, तहसील रक्कड़ को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से एक संदिग्ध ब्रीफकेस, 801 अमेरिकी डॉलर, पासपोर्ट, जमीन के दस्तावेज और कुछ सोने और हीरे के आभूषण बरामद किए गए। जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने डेरा बस्सी (मोहाली, पंजाब) स्थित एक मकान की तलाशी ली। यहां से अभियोग से संबंधित नकदी और सोने-हीरे के आभूषण बरामद किए गए। इसके बाद नेहा, हरवंश और बृज भूषण को भी गिरफ्तार लिया गया। उन्होंने कहा कि एक माह के भीतर ही सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि प्रतिभा शर्मा और भारती ने शिमला उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत ले रखी है और उन्हें जांच में शामिल किया जा रहा है। मामले में शेष नकदी और आभूषणों की बरामदगी के साथ अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।